इंस्टैंस मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप में एक नया फीचर ‘यूजरनेम’ (Username) जुड़ा है। हालांकि ये अभी काम नहीं कर रहा लेकिन इसपर बवाल मचा है। भारत सरकार ने मेटा (META जो कि वॉट्सऐप की पेरेंट कंपनी है) को नोटिस भेज कर इस फीचर को रोकने के लिए कहा। फिलहाल कंपनी ने यूजरनेम रिजर्व करने का ऑप्शन जारी कर दिया है। दुनियाभर में लोगों को ये ऑप्शन दिया जा रहा है कि वो अपना यूजरनेम सेट कर सकते हैं। वॉट्सऐप ने 30 जून को कहा कि ये फीचर लोगों की प्राइवेसी बढ़ाएगा। जब सवाल खड़े हुए तो सवालों की बाढ़ सी आ गई। सरकार के नोटिस के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया पर सवाल दागने शुरू कर दिए। लोगों के सवाल साइबर फ्राड के अंदेशों से घिरे हुए है। भारत करीब 85 करोड़ एक्टिव यूजर्स के साथ वॉट्सऐप का सबसे बड़ा मार्केट है। ऐसे में 7 सवालों का वॉट्सऐप ने विस्तार से जवाब दिया है।
वॉट्सऐप ने X प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर सफाई दी…

सवालः अगर कोई मेरे जैसा यूजरनेम बनाकर मेरी पहचान का गलत इस्तेमाल करे या ठगी करने की कोशिश करे तो आप कैसे उसे रोकोगे?
जवाब: फिलहाल यूजरनेम के जरिए मैसेज भेजने की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जब यह फीचर आएगा और कोई नया व्यक्ति आपको मैसेज करेगा तो मैसेज भेजने वाले के देश की जानकारी आपको दी जाएगी और पहली बार संपर्क करने पर चेतावनी भी दिखाएंगे। फेमस और पॉपुलर लोगों के नाम और उनके मिलते-जुलते यूजरनेम केवल उनके वेरिफाइड यूजर्स के लिए रिजर्व रखे गए हैं। हम लगातार निगरानी रख रहे हैं जिससे स्कैमर्स के खिलाफ एक्शन लिया जा सके।
सवाल: अगर किसी को मेरा यूजरनेम पता चल जाए या वह उसका अनुमान लगा ले तो क्या वह मुझे मैसेज कर सकता है?
जवाब: जिस तरह WhatsApp में किसी फोन नंबर को सर्च करके सीधे खोजा नहीं जा सकता है, उसी तरह यूजरनेम को भी सर्च नहीं किया जा सकेगा। किसी भी अनजान शख्स से कॉन्टैक्ट रोकने का सबसे अच्छा तरीका है कि यूजरनेम की को जोड़ें और एक ऐसा यूजरनेम सिलेक्ट करें जो सिर्फ वॉट्सऐप के लिए अलग और यूनिक हो।
सवालः Username Key क्या है?
जवाब: यूजरनेम की सुरक्षा के लिए यह असल में एक एक्स्ट्रा सिक्योरिटी लेयर है। इसके जरिए कोई भी शख्स आपसे संपर्क तभी कर सकेगा जब उसे आपका यूजरनेम और यूजरनेम की दोनों पता होंगी। यूजर्स चाहें तो किसी भी समय अपनी Key को रिसेट कर सकते हैं जिसके बाद पुरानी Key के जरिए नए मैसेज नहीं आ पाएंगे।
वॉट्सऐप ने अपने पोस्ट में कुछ जरूरी बातों की भी जानकारी दी है। पोस्ट में लिखा है कि सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि लोग पहले से लोकप्रिय या मशहूर यूजरनेम रिजर्व कर सकते हैं, ये दावा गलत है। ऐसे यूजरनेम केवल उनके वास्तविक और वैध मालिक ही रिजर्व कर पाएंगे। वॉट्सऐप ने बताया कि यूजरनेम फीचर के ऑफिशियल लॉन्च से पहले ही रिजर्वेशन की सुविधा शुरू कर दी गई है, और इसके पीछे तर्क दिया कि कंपनी का मानना है कि लोग अपने पसंदीदा यूजरनेम को लेकर काफी गंभीर हैं।
वॉट्सऐप का ये भी कहना है कि वह इस फीचर को जल्दबाजी में लॉन्च नहीं करना चाहते हैं, वह यूजर्स का फीडबैक लेकर इस साल के अंत में फीचर को सही तरीके से लॉन्चिंग करने की योजना बना रहा है।
सरकार के नोटिस और वॉट्सऐप के सोशल मीडिया पर दिए गए जवाब ने एक बात तो साफ कर दी है कि सरकार और मेटा दोनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि प्राइवेसी और सुरक्षा के बीच सही बैलेंस कैसे बनाया जाए।