सामूहिक विवाह सम्मेलन के प्रमाण पत्र जारी करने के लिए रिश्वत मांग रही वीडीओ रजनी मीणा धरी गई

राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए झालावाड़ जिले के खानपुर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत मऊबोरदा में तैनात ग्राम विकास अधिकारी (VDO) रजनी मीणा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. आरोपी अधिकारी ने एक सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन के जोड़ों के विवाह प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी.

पूरा मामला: प्रति जोड़ा 400 रुपये की डिमांड

शिकायतकर्ता श्रीमती सोनिया वैष्णव (सदस्य, महूमहल खींची दरबार सेवा समिति) ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी संस्था ने फरवरी 2026 में 26 जोड़ों का सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया था.

  • काम के बदले घूस: जब संस्था ने इन जोड़ों के विवाह प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ग्राम विकास अधिकारी रजनी मीणा से संपर्क किया, तो आरोपी ने प्रति प्रमाण पत्र 500 रुपये की मांग की.
  • सौदा: शिकायतकर्ता के गिड़गिड़ाने पर आरोपी वीडीओ ने दर कम करते हुए प्रति जोड़ा 400 रुपये के हिसाब से कुल 10,400 रुपये की रिश्वत राशि तय की.

एसीबी का जाल और रंगे हाथों गिरफ्तारी

एसीबी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रेरणा शेखावत के नेतृत्व में इस शिकायत का गोपनीय सत्यापन करवाया गया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई.

  • ट्रैप की कार्रवाई: बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को एसीबी ने जाल बिछाया. जैसे ही परिवादिया ने तय राशि आरोपी रजनी मीणा को सौंपी, एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया.
  • बरामदगी: तलाशी के दौरान आरोपी के पास से रिश्वत के 10,400 रुपये बरामद किए गए. आरोपी के हाथों का रासायनिक धोवन (Chemical Wash) लेने पर रंग गुलाबी हो गया, जो रिश्वत लेने का वैज्ञानिक प्रमाण है.

कानूनी कार्रवाई और धाराएं

एसीबी ने आरोपी रजनी मीणा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत प्राथमिकी (FIR No. 0100/2026) दर्ज की है. एसीबी की टीम ने आरोपी के किराए के आवास की भी तलाशी ली है ताकि आय से अधिक संपत्ति या अन्य संदिग्ध दस्तावेजों का पता लगाया जा सके.

वर्तमान स्थिति: आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे भ्रष्टाचार निरोधक मामलों की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा.

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