भीषण गर्मी में वरदान बना CM भजनलाल का ‘मिशन वाटर’: 6 विशेष अभियानों में 16 हजार शिकायतों का ‘ऑन-द-स्पॉट’ निपटारा

-PHED मंत्री कन्हैयालाल चौधरी के सुपरविजन में 3,077 हैंडपंप और 1,644 पाइपलाइन लीकेज दुरुस्त, अवैध कनेक्शनों पर बड़ा ‘एक्शन’

-PHED प्रमुख शासन सचिव हेमन्त गेरा व मिशन निदेशक JJM एवं पदेन सचिव पीएचईडी विशान राजन की बेहतरीन ‘फील्ड प्लानिंग’ से गर्मी में आमजन को मिली बड़ी राहत

-गांव से लेकर शहर तक ‘हर घर शुद्ध जल’ पहुंचाने के लिए PHED की टीमों ने संभाला मोर्चा, जनता को मिली बड़ी राहत

Expose Now Exclusive रिपोर्ट

जयपुर। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ पारे के बीच आमजन ‘को पेयजल किल्लत से राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार की कड़े और प्रभावी फैसलों का बड़ा असर जमीन पर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) द्वारा चलाए जा रहे 6 विशेष राज्यव्यापी अभियानों ने जनता को पानी के संकट से उबारने में ‘संजीवनी’ का काम किया है। विभाग ने युद्ध स्तर पर कार्रवाई करते हुए अब तक रिकॉर्ड 15,995 पेयजल संबंधी शिकायतों का न केवल पंजीकरण किया, बल्कि उनका शत-प्रतिशत सफलतापूर्वक समाधान कर हजारों परिवारों के घरों तक पानी पहुंचाया है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर:-

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साफ निर्देश दिए थे कि गर्मी के मौसम में पानी की बर्बादी और पेयजल आपूर्ति में बाधा डालने वाले तत्वों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। CM के इसी विजन को धरातल पर उतारने के लिए PHED मंत्री कन्हैयालाल चौधरी खुद लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मंत्री कन्हैयालाल चौधरी के कुशल नेतृत्व एवं PHED प्रमुख शासन सचिव हेमन्त गेरा व मिशन निदेशक, JJM एवं पदेन सचिव PHED विशान राजन के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में में विभाग की तकनीकी टीमों ने ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक पेयजल योजनाओं को सुचारू बनाए रखने के मेहनत से कार्य किया जा रहा है, जिसका परिणाम है कि पेयजल संकट की हर छोटी-बड़ी समस्या का मौके पर ही त्वरित निस्तारण (ऑन-द-स्पॉट) किया जा रहा है।

PHED मंत्री कन्हैयालाल चौधरी और PHED अधिकारी

आंकड़ों की जुबानी, ‘जल सुधार’ का पूरा लेखा-जोखा:-

विशेष अभियानों के तहत राज्य सरकार ने पेयजल ढांचे को दुरुस्त करने के लिए चौतरफा कार्रवाई की है। अब तक की गई प्रमुख कार्रवाइयों का विवरण इस प्रकार है:

इसके साथ ही विभाग ने से जुड़ी गंभीर शिकायतों को भी प्राथमिकता से दूर किया है।

शिकायत का प्रकारमामलों की संख्या
कम अवधि230
कम सप्लाई544
प्रदूषित जल121

अवैध कनेक्शनों पर चला हंटर: होटल, ढाबे और डेयरियों पर बड़ी कार्रवाई:-

जल संरक्षण और ईमानदारी से टैक्स चुकाने वाले उपभोक्ताओं के हक को सुरक्षित रखने के लिए विभाग ने पानी चोरों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा है। अकेले छठे विशेष अभियान के दौरान 336 अवैध जल कनेक्शन काटे गए हैं। इनमें बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान जैसे होटल, हाईवे के ढाबे, सरस डेयरी बूथ और कृषि कार्यों में धड़ल्ले से हो रहा पेयजल का अवैध उपयोग शामिल था। इस कड़ी कार्रवाई से न केवल पानी की बर्बादी रुकी है, बल्कि टेल-एंड पर बैठे आम उपभोक्ताओं के घरों में पानी का प्रेशर बढ़ा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में सुदृढ़ हुआ नेटवर्क, छठे अभियान में त्वरित राहत:-

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल तंत्र को मजबूत करने के लिए हैंडपंप और पाइपलाइनों को ठीक करने के साथ-साथ 550 अन्य महत्वपूर्ण सुधार कार्य पूरे किए गए हैं। वहीं, छठे विशेष अभियान के दौरान तकनीकी टीमों की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्राप्त हुई लगभग 2,600 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। इस छठे चरण में 639 खराब हैंडपंपों को ठीक किया गया और 455 पाइपलाइन लीकेज दुरुस्त कर पानी की एक-एक बूंद को सहेजा गया।

अप्रैल से जारी है ‘PHED का भगीरथ प्रयास’:-

गौरतलब है कि यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप 5 अप्रैल से 23 मई तक लगातार पांच विशेष अभियान चलाए गए थे, जिनमें 2,438 हैंडपंप ठीक करने और 1,065 अवैध कनेक्शन काटने सहित कुल 6,277 सुधार कार्य किए जा चुके थे। अब छठे अभियान ने इस व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया है।

भीषण गर्मी के इस दौर में जहां पानी को लेकर हाहाकार की स्थिति बन सकती थी, वहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के समय पर लिए गए नीतिगत निर्णयों और PHED मंत्री कन्हैयालाल चौधरी की प्रशासनिक मुस्तैदी ने राजस्थान को एक बड़े जल संकट से बचा लिया है। सरकार की यह संवेदनशीलता बताती है कि प्रदेश का नेतृत्व हर नागरिक तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now

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