करौली/हिंडौन: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले स्थित ऐतिहासिक नरवर किले से चोरी हुई 400 साल पुरानी बेशकीमती तोप के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मध्य प्रदेश पुलिस ने स्थानीय टीम के सहयोग से करौली जिले के हिंडौन सदर थाना इलाके के गांवड़ा मीणा गांव में दबिश दी और तोप चोरी के आरोप में दो युवकों को हिरासत में लिया है। साथ ही, वारदात में प्रयुक्त एक पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।
कौन हैं हिरासत में लिए गए आरोपी?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, एमपी पुलिस द्वारा की गई इस संयुक्त कार्रवाई में गांवड़ा मीणा गांव के रहने वाले टिम्मू राम मीणा और अमन मीणा नामक दो युवकों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस को तकनीकी सुराग और मोबाइल लोकेशन के आधार पर इन दोनों की संलिप्तता के अहम इनपुट मिले थे, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
क्या है पूरा मामला?
मध्य प्रदेश के शिवपुरी स्थित ऐतिहासिक नरवर किले के कचहरी महल से 15 जुलाई की रात को लगभग 3.5 टन वजनी यह प्राचीन और बेशकीमती तोप चोरी हो गई थी। इस घटना के दो दिन बाद यानी 17 जुलाई को किले के चौकीदार रमेश कोली द्वारा नरवर थाने में तोप चोरी की औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
चोरी की इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही मध्य प्रदेश पुलिस लगातार सुराग तलाश रही थी। तकनीकी सर्विलांस और जांच के दौरान तार करौली के हिंडौन क्षेत्र से जुड़ने पर एमपी पुलिस की विशेष टीम यहां पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से संदिग्धों को दबोचने में सफलता हासिल की। फिलहाल, पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और तोप की बरामदगी के लिए आगे की तलाश जारी है।
