रूप पूजा का, चाल राजू की: किन्नर का भेष, शातिर दिमाग! जयपुर में जेवर चुराने वाला ‘बहरूपिया’ चोर गिरफ्तार
जयपुर: जेवर खरीदने के बहाने दुकान में दाखिल हुआ एक शख्स…बातचीत का अंदाज ऐसा कि दुकानदार को जरा भी शक नहीं हुआ। कभी पायल पसंद की, कभी टॉप्स और फिर सोने की अंगूठी देखने लगा। दुकानदार को लगा कि ग्राहक खरीदारी के लिए आया है। लेकिन कुछ देर बाद जब वह अपना सामान संभालने लगा तो उसके होश उड़ गए। दुकान से जेवर गायब थे। जांच शुरू हुई तो सामने आया कि ग्राहक बनकर आया शख्स असल में शातिर चोर था, जिसने किन्नर का भेष धारण कर वारदात को अंजाम दिया।
यह मामला जयपुर पूर्व के बजाज नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए आरोपी राजू उर्फ पूजा किन्नर पुत्र तरसेन जाति सिंह पंजाबी, उम्र करीब 50 वर्ष, निवासी फुटबाल चौक, थाना सिटी जिला जालंधर, पंजाब को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी गया 100 प्रतिशत माल, यानी सोने के आभूषण, बरामद कर लिए हैं। पुलिस को आरोपी से पूछताछ में अन्य वारदातों के भी खुलने की उम्मीद है।

11 जोड़ी पायल, फिर टॉप्स और अंगूठी…दुकानदार को बातों में उलझाया
पुलिस के मुताबिक 19 अगस्त को दोपहर करीब दो बजे आरोपी किन्नर के रूप में एक महिला के साथ बजाज नगर स्थित सरयू ज्वेलर्स पहुंचा। दुकानदार से उसने 11 जोड़ी पायल दिखाने को कहा। पायल पसंद करने के बाद उसने दो जोड़ी टॉप्स भी पसंद किए। इसके बाद सोने की एक अंगूठी भी देखने के लिए ली।
जब दुकानदार ने भुगतान के लिए कहा तो आरोपी ने कहा कि वह घर से नकदी लेकर आती है। साथ आई महिला को दुकान पर बैठा छोड़कर वह वहां से निकल गया।
दुकानदार को उस समय तक किसी गड़बड़ी का अंदाजा नहीं था। लेकिन जब उसने सामान संभाला तो पता चला कि एक जोड़ी टॉप्स और सोने की अंगूठी गायब थी। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई।
पुलिस ने प्रकरण संख्या 380/2026, धारा 305(ए) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
CCTV ने खोला राज, चेहरे से ज्यादा ‘भेष’ बना हथियार
वारदात के खुलासे के लिए पुलिस टीम ने दुकान और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी की गतिविधियों और उसके दुकान तक पहुंचने तथा निकलने के तरीके की जांच की गई। इसके बाद पुलिस ने आधुनिक तकनीक और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने राजू उर्फ पूजा किन्नर को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चोरी किए गए सोने के आभूषण बरामद कर लिए गए। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी किन्नर का भेष धारण कर ज्वेलरी की दुकानों पर पहुंचता था। भेष ऐसा होता था कि दुकानदार और आसपास मौजूद लोगों को उस पर आसानी से संदेह नहीं होता था। इसी का फायदा उठाकर वह महंगे आभूषणों पर नजर रखता और मौका मिलते ही उन्हें पार कर देता था।
सिर्फ एक दुकान नहीं…अन्य वारदातों की भी आशंका
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है कि उसने जयपुर में इस तरह कितनी वारदातों को अंजाम दिया और उसके साथ इस काम में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने दूसरे शहरों में भी इसी तरह भेष बदलकर ज्वेलरी दुकानों को निशाना बनाया हो सकता है।
इस वारदात ने ज्वेलर्स के लिए भी बड़ा सबक छोड़ दिया है। दुकान में ग्राहक बनकर आने वाले व्यक्ति की गतिविधियों पर नजर रखना, एक साथ कई आभूषण दिखाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना और CCTV कवरेज मजबूत रखना बेहद जरूरी है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
वारदात के खुलासे में बजाज नगर थाना प्रभारी रामधन डोभाल के निर्देशन में गठित हुई टीम के कांस्टेबल महेंद्र कुमार और रामावतार की आरोपी की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र को जोड़कर आरोपी तक पहुंच बनाई गई। तेज कार्रवाई से न केवल चोरी की वारदात का खुलासा हुआ, बल्कि चोरी गया पूरा माल भी बरामद कर लिया गया।
अब पुलिस आरोपी के पुराने रिकॉर्ड और उसके संभावित साथियों की जानकारी जुटा रही है। अगर पूछताछ में दूसरी वारदातों के तार जुड़ते हैं तो किन्नर का भेष बनाकर ज्वेलरी दुकानों को निशाना बनाने वाले इस शातिर चोर का पूरा नेटवर्क सामने आ सकता है।