जयपुर। कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा 53,749 पदों पर आयोजित चतुर्थ श्रेणी भर्ती-2024 में अभी भी विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बीजेपी सरकार की सबसे बड़ी भर्ती होने के बावजूद इसमें चयनित अभ्यर्थियों में निराशा बनी हुई है। इसके प्रमुख कारण निम्न हैं—
- मेरिट के अनुसार विभाग आवंटन नहीं, रेंडमली विभाग आवंटन
एआरडी द्वारा मेरिट के अनुसार विभाग आवंटन नहीं करके रेंडमली विभाग आवंटित करने के कारण चयनित अभ्यर्थियों को मनपसंद का विभाग नहीं मिल पाया। इसके कारण भी चयनित अभ्यर्थियों में निराशा है। यही वजह है कि चयनित अभ्यर्थी लगातार इस पद पर जॉइन करने के बाद नौकरी छोड़ रहे हैं।
- विभाग आवंटन के बाद कार्ययोजना स्पष्ट नहीं
दूसरा प्रमुख कारण यह है कि विभाग आवंटन होने के बाद कार्ययोजना स्पष्ट नहीं है। शिक्षा विभाग और चिकित्सा विभाग में सफाई से लेकर प्रत्येक कार्य इनसे करवाया जा रहा है, जो इनके अधिकार क्षेत्र में आते ही नहीं हैं।
विभाग के अन्य कर्मचारी नवचयनित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहयोग करने की जगह उनसे लेवल-1 की पोस्ट के कार्य भी करवा रहे हैं और लगातार उन पर दबाव बना रहे हैं। जबकि ये कर्मचारी नए-नए नियुक्त हुए हैं। इनसे कार्ययोजना के अनुसार ही कार्य करवाया जाना चाहिए।
चिकित्सा विभाग में वार्ड बॉय से लेकर सफाई और धुलाई के कार्य तक करवाए जा रहे हैं, जो कि इनका शोषण है।
- चयनित कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के बीच विवाद
कई जगह जानबूझकर विवाद खड़ा किया जा रहा है। सीएमओ कार्यालयों में जिन चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई है, उनको वहां जॉइन तो करवा लिया गया, लेकिन अधिकांश चयनित अभ्यर्थी सचिवालय में ही पोस्टेड हैं, क्योंकि वहां स्वयंसेवक लगे हुए हैं और उनको हटाया ही नहीं जा रहा है।
यही समस्या सचिवालय में भी आ रही है। चयनित कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के बीच विवाद बना हुआ है। सरकार को इस स्थिति को स्पष्ट करना चाहिए, ताकि नियुक्ति के बाद चयनित कर्मचारियों को कार्य करने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
- पदों का वर्गीकरण भी सही से नहीं हुआ
भर्ती में पदों का वर्गीकरण भी सही से नहीं हुआ है। हाल में राजस्थान पुलिस का ही उदाहरण सामने आया है। विभाग के पास पोस्ट सिर्फ—
- चपरासी — 88
- जलधारी — 81
- पर्श बिछाने वाले — 10
- चौकीदार — 1
- सफाई — 140
बताई जा रही हैं, जबकि विभाग आवंटन में 626 पोस्ट दे दी गई हैं।
ऐसे में नियुक्ति देने से पहले ही समस्या उत्पन्न हो गई है। जब विभाग के पास उपलब्ध पद और विभाग आवंटन में दिए गए पदों में इतना अंतर है तो सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इन कर्मचारियों को किस पद पर और किस कार्य के लिए लगाया जाएगा।
रिक्त होने वाले पदों पर Waiting List जारी करे सरकार
इस प्रकार के विवादों के चलते हजारों चयनित अभ्यर्थी जॉइन करने के बाद पद छोड़कर जाएंगे, जिससे बड़ी संख्या में पद रिक्त होंगे।
सरकार ने बजट में घोषणा की थी कि किसी भी प्रकार से एक साल में जॉइन करने के बाद यदि पद रिक्त रहता है तो एक साल की प्रतीक्षा सूची जारी की जाएगी। लेकिन इस नियम को भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 से लागू नहीं किया जा रहा है, जबकि वंचित अभ्यर्थी लगातार इसकी मांग कर रहे हैं।
प्रतीक्षा सूची की मांग को लेकर वंचित अभ्यर्थी जयपुर के शहीद स्मारक पर दो बार धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
सरकार को चाहिए कि चतुर्थ श्रेणी भर्ती-2024 में उत्पन्न इन सभी समस्याओं का समाधान करे और नियुक्ति के बाद रिक्त होने वाले पदों पर वंचित अभ्यर्थियों के हित में प्रतीक्षा सूची जारी करे।

✍🏻 हनुमान किसान
प्रदेश अध्यक्ष, राजस्थान बेरोजगार यूनियन