शिक्षा मंत्री मदन दिलावर चर्चाओं से दूर नहीं रह पाते। इस बार चर्चा की वजह बेहद दिलचस्प है, वजह वो खुद नहीं बल्कि उनका बेटा और बहू है। उनके बेटे और बहू ने हाल ही में बारां जिले के अटरु नगरपालिका क्षेत्र में वोटर बनने के लिए आवेदन किया था लेकिन SDM ने उसे खारिज कर दिया। दरअसल, SDM ने जांच करवाई तो सामने आया कि वो दोनों वहां रहते ही नहीं है, वैसे कारण अंगूठा लगाना भी बताया जा रहा है। इलाके की सियासत में अंदरखाने चर्चा है कि दिलावर का बेटा अटरु से पालिका अध्यक्ष बनने की रेस में शामिल है और इसी के लिए यह पूरी कवायद की जा रही है।

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर और बहू हेमलता के बारां जिले के अटरु में वार्ड 21 में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने पर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि शिक्षा मंत्री के बेटे और बहू ने वोटर बनने के लिए एप्लीकेशन पर अंगूठा लगाया लेकिन इस पर शंका होने के बाद उपखंड अधिकारी (SDM) की ओर से इसकी जांच कराई गई तो मामला खुल गया।
दोनों ने शिक्षित होने के बावजूद अंगूठा क्यों लगाया?
यही वो सवाल है जो पहले संदेह की वजह बना और सोशन मीडिया पर चुटकी लिए जाने का कारण भी। बताया जा रहा है कि पवन वहां नहीं रहते हैं लेकिन उन्होंने हाल ही में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया। आवेदन में पवन और उनकी पत्नी ने हस्ताक्षर की बजाय अंगूठे लगाए। बीएलओ (BLO) ने उनका नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने की अभिशंषा करके आवेदन को आगे भेज दिया लेकिन उच्च स्तर पर जांच कमेटी को इस पर शक हो गया तो मामला अधिकारियों के ध्यान में डाला गया। शक इस बात पर गहराया कि दोनों ने शिक्षित होने के बावजूद अंगूठा क्यों लगाया? वहीं, पवन दिलावर अंगूठा लगाए जाने की बात को खारिज करते हैं। उनका कहना है कि आवेदन में साइन किया है, पढ़े-लिखे है, अंगूठा क्यों लगवाएंगे।
जांच में हुआ दूध का दूध और पानी का पानी
SDM अंजना सहरावत ने पूरे मामले की जमीनी स्तर पर जांच करवाई। पवन और उनकी पत्नी के वहां रहने के कोई प्रमाण नहीं मिले। ऐसे में उनके आवेदन को खारिज कर दिया गया। नियम कहता है कि वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए इलाके में 6 महीने से रहने का प्रमाण होना जरूरी है लेकिन दोनों ऐसा कोई प्रमाण पेश नहीं कर पाए।
टूट सकता है मदन दिलावर का बेटे को चैयरमेन बनाने का सपना
मामले पर विपक्ष ने निशाने पर ले ही लिया है वहीं बेरोजगार संघ भी कमेंट कर रहा है।

बारां जिले की अटरू नगरपालिका के चैयरमेन का पद एससी (SC) के लिए रिजर्व हुआ है। कहा जा रहा है कि पवन दिलावर अटरू से पार्षद का चुनाव लड़ने की तैयारी में है। ऐसे में पवन दिलावर को चेयरमैन की रेस में शामिल बताया जा रहा है। पवन के पिता शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी नगरीय निकाय चुनाव के लिए एक सप्ताह से जयपुर छोड़ कोटा में डेरा जमाए हुए हैं। हालांकि, दिलावर इस बार कोटा जिले की रामगंगज मंडी से विधायक हैं लेकिन पहले अटरु से भी विधायक रह चुके हैं। अब बेटे का मतदाता बनने का आवेदन ही खारिज होने से पिता मदन दिलावर का उसे चैयरमेन बनाने का सपना टूट सकता है। खास बात ये है कि अटरु से केवल शिक्षा मंत्री का बेटा पवन दिलावर ही चेयरमैन की दौड़ में नहीं है बल्कि उनका भाई भी इस रेस में शामिल है। शिक्षा मंत्री के भाई कृष्ण मुरारी दिलावर और बेटे पवन ने अटरु के वार्ड नंबर 5 से BJP से टिकट के लिए आवेदन कर रखा है।