जयपुर: राजस्थान न्यायपालिका में प्रशासनिक स्तर पर अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने राज्यभर में 805 न्यायिक अधिकारियों के तबादले करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही 186 अधिकारियों को पदोन्नति (Promotion) का तोहफा भी दिया गया है। राजस्थान हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति द्वारा तैयार की गई इस ‘जंबो लिस्ट’ को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की मंजूरी मिल चुकी है और उम्मीद है कि आधिकारिक सूची आज देर रात तक सार्वजनिक कर दी जाएगी।
प्रशासनिक संतुलन और कार्यक्षमता पर जोर
इस व्यापक फेरबदल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में प्रशासनिक संतुलन बनाना और अदालतों की कार्यक्षमता को बढ़ाना है। सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाई जा सके।
तबादलों का विस्तृत ब्यौरा
विभिन्न स्तरों पर हुए इन तबादलों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है:
| न्यायिक अधिकारी स्तर | तबादलों की संख्या |
| नए बैंच के न्यायिक अधिकारी | 339 |
| एडीजे (ADJ) कैडर | 181 |
| एसीजेएम (ACJM) स्तर | 158 |
| डीजे (DJ) कैडर | 84 |
| सीजेएम (CJM) | 43 |
| कुल तबादले | 805 |
186 अधिकारियों की पदोन्नति (Promotions)
ट्रांसफर के साथ-साथ हाईकोर्ट प्रशासन ने न्यायिक अधिकारियों के करियर को गति देते हुए 186 पदों पर पदोन्नति के आदेश भी जारी किए हैं:
- मुंसिफ से एसीजेएम: 80 अधिकारियों को पदोन्नत कर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बनाया गया है।
- एसीजेएम से एडीजे: 85 अधिकारियों को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर प्रमोट किया गया है।
- एडीजे से डीजे: 21 अधिकारियों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश (डीजे) स्तर पर पदोन्नति मिली है।
विशेष नोट: इस बड़े बदलाव से राजस्थान की निचली अदालतों से लेकर जिला स्तर तक की कार्यप्रणाली में सुधार होने की प्रबल संभावना है। प्रशासनिक हलकों में इसे “न्यायिक शुद्धिकरण और सुदृढ़ीकरण” की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
