उदयपुर/जयपुर। जो हक किसी असली दिव्यांग का था, उसे ‘फर्जी’ सर्टिफिकेट के दम पर छीनने वालों की अब खैर नहीं। राजस्थान सरकार ने सरकारी नौकरियों में सेंधमारी करने वाले इन ‘सफेदपोश जालसाजों’ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का ऐलान कर दिया है। ‘Expose Now’ की पड़ताल में सामने आया है कि अब सिर्फ सस्पेंशन नहीं, बल्कि इन फर्जी कर्मचारियों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज होंगे और SOG (Special Operations Group) इनकी कुंडली खंगालेगी।
नौकरी भी जाएगी और ‘वसूली’ भी होगी:-
सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर दिव्यांगता का दावा झूठा निकला, तो सजा ऐसी होगी कि पुश्तें याद रखेंगी। फर्जीवाड़ा करने वालों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से निकाला जाएगा। साथ ही अब तक सरकारी खजाने से उठाई गई एक-एक पाई (सैलरी) ब्याज समेत वसूली जाएगी। फर्जीवाड़े की पुष्टि होते ही पुलिस की स्पेशल विंग इन पर मुकदमा दर्ज कर सलाखों के पीछे भेजेगी।
MB हॉस्पिटल में ‘सीक्रेट ऑपरेशन’ शुरू:-
उदयपुर के MB अस्पताल में इन दिनों हड़कंप मचा है। अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ. संजीव टांक की देखरेख में 3 विशेषज्ञों की कमेटी गोपनीय तरीके से जांच कर रही है। कमेटी यह चेक कर रही है कि नौकरी पाते समय जो दिव्यांगता 40% से ऊपर दिखाई गई थी, क्या वह शरीर में वाकई है या सिर्फ कागज पर? रोजाना करीब 20 संदिग्ध मामले जांच के लिए पहुंच रहे हैं।
HODs को चेतावनी, जानकारी छिपाई तो होगी कार्रवाई:-
निदेशक राकेश कुमार शर्मा ने दो टूक शब्दों में आदेश जारी किए हैं। यदि किसी विभाग के हेड (HOD) ने संदिग्धों की जानकारी छिपाई या देरी की, तो उन्हें भी इस फर्जीवाड़े में बराबर का हिस्सेदार मानकर व्यक्तिगत रूप से दंडित किया जाएगा।
अब ‘दिव्यांग’ नहीं, ‘अपराधी’ कहलाएंगे फर्जी:-
उन असली दिव्यांगों का क्या, जो सालों से अपनी बैसाखियों के दम पर दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी जगह ये ‘फर्जी फिट’ लोग मलाई खा रहे हैं? सरकार की इस सख्ती ने ऐसे भ्रष्ट लोगों की नींद उड़ा दी है। सावधान, अगर आपने भी फर्जीवाड़े से सिस्टम को ठगा है, तो तैयार रहिए… SOG की लिस्ट तैयार है। यह सिर्फ एक जांच नहीं, बल्कि उन लाखों ईमानदार युवाओं के साथ न्याय है जो मेहनत के दम पर हक मांग रहे हैं। जिन हाथों ने फर्जी सर्टिफिकेट बनवाए हैं, उन्हीं हाथों में अब हथकड़ियां पड़ने वाली हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now
