जोधपुर: नीट पेपर लीक (NEET 2026) के आरोपी दिनेश बिंवाल के साथ वायरल तस्वीरों ने राजस्थान की सियासत में ‘फोटो वॉर’ छेड़ दिया है। चौतरफा हमलों के बीच राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जोधपुर में अपनी चुप्पी तोड़ी। दिलावर ने न केवल आरोपों को सिरे से खारिज किया, बल्कि कांग्रेस पर पलटवार करने के लिए पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा का सहारा लिया।

‘मेरी फोटो तो डोटासरा के साथ भी है’
जोधपुर सर्किट हाउस में मीडिया से रूबरू होते हुए मदन दिलावर ने बेबाकी से कहा कि सार्वजनिक जीवन में हजारों लोग हमारे साथ फोटो खिंचवाते हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा:
“मेरी तस्वीरें तो कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ भी हैं, तो क्या इसके आधार पर डोटासरा को भी मेरी श्रेणी में खड़ा कर दिया जाए? 50 रुपये के पोस्टर में नाम छप जाने या किसी के साथ खड़े हो जाने से कोई अपराधी या भाजपा का करीबी नहीं हो जाता।”
कांग्रेस के आरोपों पर तीखा हमला
शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राजस्थान में पेपर लीक का जाल पिछली सरकार के शासनकाल में फैला। उन्होंने ‘सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली’ वाली कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के कई दिग्गज आज खुद जांच के घेरे में हैं। दिलावर ने आश्वस्त किया कि भाजपा सरकार नकल माफिया को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सोशल मीडिया पर खुला ‘झूठ’ का मोर्चा?
एक तरफ मदन दिलावर और मदन राठौड़ आरोपी से पल्ला झाड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर नए दावे सामने आ रहे हैं। यह आरोप लगाया जा रहा है कि आरोपी दिनेश बिंवाल केवल कार्यकर्ता नहीं, बल्कि भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) जयपुर देहात का जिला मंत्री है।
इतना ही नहीं, जमवारामगढ़ विधायक महेन्द्र पाल मीणा के सोशल मीडिया अकाउंट्स के हवाले से भी सवाल उठाए जा रहे हैं, जहां वे कथित तौर पर आरोपी को ‘भाई’ कहकर जन्मदिन और सालगिरह की बधाई देते नजर आ रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि भाजपा को सच स्वीकार करना चाहिए कि अपराधी उनके ही खेमे से निकला है।
जांच एजेंसियों पर भरोसा
दिलावर ने स्पष्ट किया कि नीट मामले की जांच राष्ट्रीय स्तर पर चल रही है और राज्य सरकार इसमें पूरा सहयोग कर रही है। उन्होंने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति दोहराते हुए कहा कि दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा।
