राजस्थान के भरतपुर जिले की कुम्हेर तहसील के पला गांव में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का विवाद गहराता जा रहा है। अपनी उपजाऊ जमीन और पुश्तैनी घरों को बचाने के लिए किसान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। शनिवार को उत्तेजित ग्रामीणों और किसानों ने पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर इस परियोजना को तुरंत रद्द करने की मांग की है।
“रोजी-रोटी और घर पर आएगी आंच”
किसानों का स्पष्ट कहना है कि एयरपोर्ट के निर्माण से हजारों परिवारों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे किसी भी कीमत पर गांव का विस्थापन स्वीकार नहीं करेंगे। शुक्रवार को भी किसानों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी और उपखंड अधिकारी (SDM) को ज्ञापन दिया था।
मुख्यमंत्री जनसुनवाई केंद्र पर भी पहुंचे किसान
पूर्व मंत्री को ज्ञापन देने के बाद किसान अपनी फरियाद लेकर मुख्यमंत्री जनसुनवाई केंद्र भी पहुंचे, लेकिन शनिवार होने के कारण वहां ताला लटका मिला। किसानों ने कहा कि 29 अप्रैल को जारी किए गए जमीन अधिग्रहण सर्वे के नोटिफिकेशन ने उनकी रातों की नींद उड़ा दी है।
बजट 2026-27 की घोषणा पर संकट
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने बजट वर्ष 2026-2027 में भरतपुर के डीग और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक आधुनिक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की थी।
- प्रस्तावित भूमि: 400 से 500 हेक्टेयर।
- उद्देश्य: पर्यटन और व्यापार को गति देना।
- किसानों का तर्क: भौगोलिक स्थिति और सामाजिक प्रभाव को देखते हुए यह क्षेत्र एयरपोर्ट के लिए तकनीकी रूप से उपयुक्त नहीं है।
उग्र जन-आंदोलन की चेतावनी
महापंचायत में एकत्रित किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि प्रशासन ने सर्वे और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तुरंत नहीं रोका, तो आने वाले दिनों में उग्र जन-आंदोलन किया जाएगा। किसानों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की कीमत पर अपने गांव और खेत को नहीं उजाड़ने देंगे।
