जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील का राजस्थान में व्यापक असर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा अपने काफिले को छोटा करने के फैसले के ठीक एक दिन बाद, अब राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने भी सादगी की अनूठी मिसाल पेश की है। प्रदेश के शीर्ष पदों पर बैठे इन दिग्गजों का यह कदम ‘वीआईपी कल्चर’ को कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है।
राज्यपाल का आदेश: अब काफिले में रहेंगी केवल 3 कारें
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने अपने आधिकारिक काफिले में वाहनों की संख्या में भारी कटौती करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। गुरुवार को जब राज्यपाल एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए, तो नजारा बदला हुआ था:

- हटाए गए वाहन: राज्यपाल ने अपने काफिले से पायलट कार, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे अतिरिक्त वाहनों को साथ चलने से मना कर दिया।
- नया नियम: अब राज्यपाल के साथ केवल तीन वाहन ही रहेंगे। यह व्यवस्था केवल जयपुर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश की यात्राओं के दौरान लागू रहेगी।
- जनता से अपील: राज्यपाल ने अधिकारियों को कम से कम सरकारी वाहनों का उपयोग करने और आमजन को सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) अपनाने की सलाह दी है।
रोडवेज बस में डिप्टी सीएम: 22 गोदाम पर बस का इंतजार
एक तरफ राज्यपाल ने काफिला छोटा किया, तो दूसरी तरफ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा सादगी भरे अंदाज में नजर आए। गुरुवार को डॉ. बैरवा जयपुर के 22 गोदाम बस स्टैंड पर आम यात्रियों की तरह रोडवेज बस का इंतजार करते और फिर उसमें सफर करते दिखे।

- फागी की यात्रा: डिप्टी सीएम को जयपुर से दूदू विधानसभा क्षेत्र के फागी में ‘ग्राम विकास चौपाल’ में शामिल होना था।
- अधिकारियों की भी छुट्टी: डॉ. बैरवा ने न केवल अपनी सरकारी गाड़ी छोड़ी, बल्कि साथ जा रहे अधिकारियों को भी सरकारी वाहनों के बजाय रोडवेज बस में चलने का निर्देश दिया।
- यात्रियों से संवाद: बस में सफर के दौरान डिप्टी सीएम ने आम यात्रियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। यात्रियों ने परिवहन मंत्री को अपने बीच पाकर उनकी सादगी की सराहना की।
सादगी के पीछे ‘राष्ट्र प्रथम’ का संदेश
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कार्यशैली से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा:
“वर्तमान वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के दौर में ईंधन संरक्षण बेहद जरूरी है। देशहित को सर्वोपरि रखते हुए हमें निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना चाहिए। पेट्रोल-डीजल की बचत करना भी राष्ट्र निर्माण में एक बड़ी भागीदारी है।”

राजस्थान सरकार का नया ‘रोडमैप’
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा सरकारी अफसरों को कम वाहन इस्तेमाल करने के आदेश और अब राज्यपाल व डिप्टी सीएम के इन कदमों से स्पष्ट है कि राजस्थान सरकार फिजूलखर्ची रोकने और ईंधन बचाने को लेकर गंभीर है। यह मुहिम न केवल सरकारी खजाने पर बोझ कम करेगी, बल्कि आम जनता को भी ‘पब्लिक ट्रांसपोर्ट’ का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
