जयपुर: राजस्थान में अपने बच्चों को नामी प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने का सपना देखने वाले आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के परिवारों के लिए नए साल में बड़ा अवसर आने वाला है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (Right To Education – RTE) के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए निशुल्क प्रवेश प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने के संकेत मिले हैं।
शिक्षा विभाग द्वारा जल्द ही इसके लिए विस्तृत आधिकारिक नोटिफिकेशन और टाइमफ्रेम जारी किया जा सकता है। इसके तहत प्रदेश के हजारों निजी स्कूलों में एंट्री लेवल की 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब और वंचित समूह के बच्चों को बिल्कुल मुफ्त प्रवेश दिया जाएगा।
क्या है RTE योजना और किसे मिलेगा लाभ? आरटीई एक्ट के तहत, राज्य के गैर-सरकारी (प्राइवेट) विद्यालयों में प्री-प्राइमरी (PP3, PP4, PP5) और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए 25% सीटें आरक्षित रखी जाती हैं। इन सीटों पर प्रवेश लेने वाले बच्चों की पूरी फीस सरकार वहन करती है और उन्हें कक्षा 8 तक निशुल्क शिक्षा मिलती है।
पात्रता और आय सीमा (Eligibility Criteria) इस योजना का लाभ उठाने के लिए अभिभावकों को कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं:
- दुर्बल वर्ग: ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये या उससे कम है।
- असुविधाग्रस्त समूह: इसमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अनाथ बच्चे, एचआईवी प्रभावित बच्चे और युद्ध विधवाओं के बच्चे शामिल हैं, जिनके लिए आय सीमा की बाध्यता अलग हो सकती है।
- मूल निवासी: बच्चा और उसके अभिभावक राजस्थान के मूल निवासी होने चाहिए और उसी वार्ड/ग्राम पंचायत के स्कूल के लिए आवेदन कर सकते हैं जहां वे रहते हैं।
आयु सीमा का रखें ध्यान आरटीई में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु सीमा बहुत महत्वपूर्ण है। अलग-अलग कक्षाओं (PP3 से कक्षा 1 तक) के लिए आयु सीमा भिन्न होती है, जिसकी गणना आमतौर पर 1 अप्रैल की स्थिति के अनुसार की जाती है। अभिभावकों को नोटिफिकेशन में दी गई आयु सीमा का बारीकी से अध्ययन करना होगा।
अभी से तैयार करवा लें ये महत्वपूर्ण दस्तावेज (Important Documents) आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होती है और डॉक्यूमेंट्स के अभाव में फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है। इसलिए अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे नोटिफिकेशन आने से पहले ही निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखें:
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (आयु प्रमाण के लिए)।
- अभिभावक का आय प्रमाण पत्र (नवीनतम, 6 महीने से पुराना न हो)।
- मूल निवास प्रमाण पत्र (बच्चे या माता-पिता का)।
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)।
- आधार कार्ड (माता-पिता और बच्चे का)।
- राशन कार्ड।
- पासपोर्ट साइज फोटो।
चयन प्रक्रिया: ऑनलाइन लॉटरी आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अभिभावकों को ‘राज पीएसपी’ (Raj PSP) पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि के बाद, पारदर्शी तरीके से राज्य स्तरीय ऑनलाइन लॉटरी निकाली जाएगी, जिसके आधार पर बच्चों को स्कूलों का आवंटन किया जाएगा। लॉटरी में नाम आने के बाद दस्तावेजों का सत्यापन स्कूल स्तर पर किया जाएगा।
