हाइपरटेंशन और फिटनेस: भारी वजन उठाने से पहले जरूर पढ़ें ये रिपोर्ट, कहीं भारी न पड़ जाए आपकी एक छोटी सी चूक

हाई ब्लड प्रेशर, जिसे मेडिकल भाषा में हाइपरटेंशन कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जो बिना किसी शोर-शराबे के शरीर को अंदर ही अंदर खोखला करती रहती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़े बताते हैं कि दुनिया भर में करीब 1.28 अरब वयस्क इस बीमारी की चपेट में हैं, और विडंबना यह है कि इनमें से लगभग आधे लोगों को पता ही नहीं है कि वे एक “साइलेंट किलर” के साथ जी रहे हैं। अक्सर यह धारणा बनी रहती है कि हाई बीपी होने पर व्यायाम करना खतरनाक हो सकता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते। एक्सपर्ट्स के अनुसार, व्यायाम बंद करना समाधान नहीं है, बल्कि सही व्यायाम का चुनाव करना असली कुंजी है।

डॉक्टरों का मानना है कि नियमित शारीरिक गतिविधि हृदय को स्वस्थ रखने और ब्लड प्रेशर को प्राकृतिक रूप से कम करने में मदद करती है। हालांकि, अनियंत्रित हाइपरटेंशन वाले लोगों के लिए कुछ व्यायाम जोखिम भरे हो सकते हैं। विशेष रूप से भारी वजन उठाना (Weightlifting), जैसे अपनी क्षमता के 75% से अधिक भार के साथ डेडलिफ्ट या भारी स्क्वैट्स करना, शरीर पर अचानक दबाव डाल सकता है। कई लोग वजन उठाते समय अनजाने में अपनी सांस रोक लेते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर में अचानक उछाल आता है जो दिल के लिए घातक हो सकता है। इसके अलावा, HIIT (हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग) और क्रॉसफिट जैसी गतिविधियां, जिनमें बहुत कम समय में शरीर को चरम स्तर तक थकाया जाता है, अनकंट्रोल्ड बीपी वाले मरीजों में चक्कर आने या सीने में दबाव का कारण बन सकती हैं।

हाइपरटेंशन के मरीजों के लिए विशेषज्ञों की पहली पसंद ‘लो-इम्पैक्ट एरोबिक एक्सरसाइज’ है। तेज चाल से चलना (Brisk Walking), तैराकी, साइकिल चलाना और योग इसके बेहतरीन उदाहरण हैं। ये गतिविधियां न केवल तनाव कम करती हैं, बल्कि रक्त वाहिकाओं के लचीलेपन को भी बढ़ाती हैं। वर्कआउट के दौरान सही तकनीक, जैसे लगातार सांस लेते रहना और व्यायाम से पहले शरीर को अच्छी तरह वार्मअप करना, सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है। यदि आप फिटनेस की शुरुआत कर रहे हैं या आपका बीपी अक्सर बढ़ा रहता है, तो किसी भी नए रूटीन को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें, ताकि आप सुरक्षा और सेहत के बीच सही संतुलन बना सकें।

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