नागौर: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) राजस्थान ने नागौर जिले के कुचेरा थाने में तैनात एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) और एक हेड कांस्टेबल के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर एक जब्त स्कॉर्पियो गाड़ी को छोड़ने और मुकदमे में एक अन्य व्यक्ति का नाम न फंसाने की एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
मामले की पृष्ठभूमि और शिकायत
शिकायतकर्ता रतना राम, निवासी फिटकासनी (जोधपुर), ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जोधपुर ग्रामीण के कार्यालय में उपस्थित होकर एक लिखित रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट के अनुसार, 14 जून 2025 को कुचेरा थाने में रतना राम और अन्य के खिलाफ दर्ज एक मुकदमे (120/2025) की जांच सहायक उपनिरीक्षक रामजीलाल मीणा द्वारा की जा रही थी।
परिवादी का आरोप है कि उसकी गिरफ्तारी के दौरान मारपीट न करने और कागजात ‘हल्के’ बनाने के लिए उसने पूर्व में ही एएसआई रामजीलाल मीणा को 24,000 रुपये नकद दिए थे। इसके बावजूद, उसकी जब्त स्कॉर्पियो गाड़ी को छोड़ने और सोनाराम विश्नोई नामक व्यक्ति का नाम मुकदमे में नहीं फंसाने के लिए एएसआई द्वारा बार-बार रिश्वत की मांग की जा रही थी।
एसीबी द्वारा सत्यापन और सौदेबाजी
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस सोनी के निर्देशन में शिकायत का सत्यापन शुरू किया गया। सत्यापन की कार्यवाही के दौरान डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर के माध्यम से हुई वार्ता में भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई। एएसआई रामजीलाल मीणा और कांस्टेबल (वर्तमान में हेड कांस्टेबल) रामनिवास ने परिवादी से गाड़ी छोड़ने और सोनाराम को फ्री करने की एवज में पहले 50,000 रुपये की मांग की। परिवादी द्वारा विनती करने पर यह राशि कम होकर 30,000 और अंत में 25,000 रुपये पर तय हुई। सत्यापन के दौरान आरोपियों ने खर्चे-पानी के नाम पर 2,000 रुपये अलग से प्राप्त किए।
ट्रैप की कार्यवाही में बाधा और एफआईआर
सत्यापन के बाद जब एसीबी जाल बिछाने की तैयारी कर रही थी, तभी आरोपियों को एसीबी की कार्यवाही की भनक लग गई। इसके कारण आरोपियों ने परिवादी से संपर्क तोड़ दिया, जिससे अग्रिम ट्रैप की कार्यवाही संभव नहीं हो सकी। हालांकि, चूंकि रिश्वत की मांग और खर्चे के पैसे लेने की पुष्टि रिकॉर्डिंग के माध्यम से हो चुकी थी, इसलिए ब्यूरो ने ठोस साक्ष्यों के आधार पर मामला पंजीकृत कर लिया।
नामजद आरोपी और जांच
ब्यूरो ने आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और 12 के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
- रामजीलाल मीणा: सहायक उपनिरीक्षक (ASI), कुचेरा थाना, नागौर।
- रामनिवास: हेड कांस्टेबल 138, कुचेरा थाना, नागौर।
प्रकरण की अग्रिम जांच के लिए एसीबी जोधपुर ईंटे के उप पुलिस अधीक्षक गोरधन राम को अनुसंधान अधिकारी (I.O.) नियुक्त किया गया है।
