एटीएम लूटने वाले ‘हाईवे गैंग’ का पर्दाफाश, चेन्नई तक फैला था नेटवर्क, वारदात के बाद बदल देते थे गाड़ी के नंबर प्लेट

जयपुर में ATM लूट के अंतरराज्यीय गिरोह के दो गुर्गे गिरफ्तार, चेन्नई में वारदात को अंजाम देकर राजस्थान पहुंचे थे आरोपी; पुलिस ने दो पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और दो फरसे किए बरामद

जयपुर। शहर में एटीएम को निशाना बनाकर लाखों रुपये उड़ाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। वैशाली नगर थाना पुलिस ने गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उसके वारदात करने के तरीके का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार यह गैंग पहले एटीएम की रेकी करता था, फिर मशीन को गैस कटर से काटकर कैश निकालता और फरार होने के बाद वाहन की नंबर प्लेट तक बदल देता था। गिरोह अब तक करोड़ों रुपये की लूट को अंजाम दे चुका है। खास बात यह है कि पकड़े गए आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है और इनके खिलाफ पूर्व में डकैती के मामले में चालान पेश किया जा चुका है।
मामला 15 अगस्त 2026 की रात का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से अज्ञात बदमाश गैस कटर की मदद से रुपये निकालकर ले गए हैं। इस संबंध में वैशाली नगर थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।

500 से ज्यादा CCTV खंगाले, दूसरे राज्यों तक पहुंची पुलिस की जांच

पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच के दौरान सामने आया कि वारदात में शामिल गैंग के सदस्य एक वाहन से जयपुर आए थे। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दौसा, भरतपुर, धौलपुर, अलवर, आगरा, हरियाणा, दिल्ली, मथुरा और उत्तरप्रदेश सहित कई स्थानों पर दबिश दी।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी चेन्नई में एटीएम काटकर रुपये ले जाने के बाद वहां से रवाना हुए हैं। पुलिस टीम ने उनका पीछा करते हुए रास्ते में वाहन को रोकने का प्रयास किया। आरोपियों ने पुलिस को देखकर गाड़ी भगाने की कोशिश की, लेकिन टीम ने पीछा कर उन्हें जयपुर क्षेत्र में दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन कुमार पुत्र आमेरसिंह, उम्र 28 वर्ष, निवासी गांव सई का नगरीया, थाना सतसू, जिला अलीगढ़, उत्तरप्रदेश और सोनू पुत्र ज्ञान सिंह, जाति जाट, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम शहर गढ़ी, थाना नौहझील, जिला मथुरा, उत्तरप्रदेश के रूप में हुई है।

गैस कटर, फरसा और पिस्टल लेकर निकलते थे ‘मिशन’ पर

पूछताछ में आरोपियों ने एटीएम लूट की वारदात का तरीका बताया। पुलिस के अनुसार गैंग पहले ऐसी जगह की तलाश करता था जहां एटीएम अपेक्षाकृत सुनसान हो। इसके बाद सदस्य बिना गार्ड वाले एटीएम की रेकी करते। वारदात के समय गैस कटर से एटीएम मशीन को काटकर नकदी निकाल ली जाती थी।
गैंग के सदस्य अपने साथ गैस कटर, फरसा, पिस्टल और अन्य सामान रखते थे। वारदात के बाद पुलिस से बचने के लिए गाड़ी की नंबर प्लेट बदल दी जाती थी। यही नहीं, गिरोह रास्ते में टोल प्लाजा और अन्य स्थानों पर पुलिस की निगरानी से बचने के लिए भी सतर्क रहता था।

चेन्नई की वारदात के बाद राजस्थान की ओर भाग रहे थे

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में चेन्नई में एटीएम काटकर रुपये ले जाने की वारदात कबूल की है। इसके बाद वे नागौर, ग्वालियर और दौसा होते हुए जयपुर की तरफ आ रहे थे। पुलिस ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और आखिरकार दबोच लिया।
आरोपियों के कब्जे से दो पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और दो फरसे बरामद किए गए हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, पूर्व की एटीएम लूट की वारदातों और लूटी गई रकम के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में गिरोह की कई अन्य वारदातों का खुलासा हो सकता है।


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