JJM घोटाला: शिव मंदिर में जलाभिषेक के बाद ACB कोर्ट पहुंचे महेश जोशी: कहा- राजनीतिक षड्यंत्र का हुआ शिकार

जयपुर: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पूर्व मंत्री महेश जोशी को जयपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया है। जल जीवन मिशन (JJM) में हुए करीब 900 करोड़ रुपए के घोटाले में एसीबी की SIT ने यह बड़ी कार्रवाई की है। संयोगवश, आज ही जोशी की 49वीं शादी की सालगिरह भी है।

तड़के 4:30 बजे दी दबिश, शिव मंदिर जाने की मांगी मोहलत

DIG डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि ACB की SIT सुबह करीब साढ़े चार बजे जयपुर रेलवे स्टेशन के पास सैन कॉलोनी स्थित जोशी के आवास पर पहुंच गई थी।

  • मंदिर दर्शन: आज शादी की सालगिरह होने के कारण जोशी का विभिन्न मंदिरों में दर्शन का कार्यक्रम था। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने मंदिर जाने की इच्छा जताई।
  • जलाभिषेक: टीम की अनुमति के बाद उन्होंने घर के पास स्थित शिव मंदिर में जलाभिषेक किया। इसके बाद उन्हें ACB मुख्यालय और फिर जयपुरिया हॉस्पिटल मेडिकल टेस्ट के लिए ले जाया गया।

महेश जोशी का पक्ष: “राजनीतिक षड्यंत्र के चलते फंसाया जा रहा है”

मेडिकल के दौरान मीडिया से बात करते हुए जोशी ने कहा, “मैं निर्दोष हूं, मेरी कोई गलती नहीं। सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। मुझे बिना किसी नोटिस या पूछताछ के गिरफ्तार किया गया है। यह पूरी तरह से राजनीतिक षड्यंत्र है।” उन्होंने भावुक होते हुए यह भी कहा कि यदि वे खुद को निर्दोष साबित नहीं कर सके, तो कुछ ऐसा करेंगे कि किसी को उनसे कोई शिकायत नहीं रहेगी।

कड़ी सुरक्षा में ACB कोर्ट में पेशी

दोपहर करीब 12:30 बजे पूर्व मंत्री को विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (क्रम-1) जयपुर के कमरा नंबर 406 में पेश किया गया। सुरक्षा कारणों से उन्हें मुख्य गेट के बजाय पीछे पार्किंग की तरफ से चौथी मंजिल पर लाया गया।

घोटाले का फ्लैशबैक: फर्जी सर्टिफिकेट और रिश्वत का खेल

यह पूरा मामला केंद्र सरकार की ‘जल जीवन मिशन योजना’ में हुए भ्रष्टाचार से जुड़ा है:

  1. फर्जी सर्टिफिकेट: साल 2021 में श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी और श्री गणपति ट्यूबवेल कंपनी ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र दिखाकर पीएचईडी (PHED) से करोड़ों के टेंडर हासिल किए थे।
  2. करोड़ों के टेंडर: गणपति ट्यूबवेल ने 859.2 करोड़ और श्याम ट्यूबवेल ने 120.25 करोड़ के टेंडर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त किए।
  3. पुरानी गिरफ्तारी: अप्रैल-2025 में इसी मामले में ED ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तार किया था, जिसके बाद वे 7 महीने जेल में रहे और दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर बाहर आए थे।

जांच के घेरे में 22 अधिकारी

ACB ने इस घोटाले में महेश जोशी सहित 22 अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इसमें पूर्व ACS सुबोध अग्रवाल (गिरफ्तार 9 अप्रैल), तत्कालीन चीफ इंजीनियर राम करण मीणा और कई एडिशनल चीफ इंजीनियर शामिल हैं। एसीबी को ईमेल आईडी की जांच से इस सिंडिकेट के बारे में बड़ी लीड मिली थी।


JJM घोटाला: अब तक की बड़ी कार्रवाई

श्रेणीविवरण
मुख्य आरोपीपूर्व मंत्री महेश जोशी, पूर्व ACS सुबोध अग्रवाल
गिरफ्तारियांअब तक 10 आरोपी गिरफ्तार, 3 अब भी फरार
घोटाले की राशिलगभग 900 करोड़ रुपए
मुख्य कंपनियांश्री गणपति ट्यूबवेल और श्री श्याम ट्यूबवेल कंपनी
जांच एजेंसियांACB (SIT), ED, CBI
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