इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी मुकाबलों के लिए जयपुर का सवाई मानसिंह (SMS) स्टेडियम पूरी तरह तैयार है। बुधवार को राजस्थान रॉयल्स के 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने टीम के साथ नेट्स में जमकर अभ्यास किया। 9 मई को गुजरात टाइटंस के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले वैभव ने कप्तान रियान पराग और यशस्वी जायसवाल जैसे दिग्गजों के साथ बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग की बारीकियां सीखीं।
प्रतिभा के साथ जुड़ा विवाद
जहाँ एक ओर बिहार के रहने वाले इस युवा क्रिकेटर की प्रतिभा की दुनिया कायल है, वहीं दूसरी ओर उनकी कम उम्र को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। दक्षिण भारत के सोशल एक्टिविस्ट सी.एम. शिवकुमार नायक ने राजस्थान रॉयल्स पर वैभव को इतनी कम उम्र में प्रोफेशनल क्रिकेट में उतारने के लिए ‘बाल श्रम’ (चाइल्ड लेबर) का आरोप लगाया है।
नायक का तर्क है कि 15 साल की उम्र में किसी बच्चे को इस तरह के प्रोफेशनल और अत्यधिक दबाव वाले खेल में उतारना शोषण की श्रेणी में आ सकता है। उन्होंने इस मामले में फ्रेंचाइजी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की चेतावनी भी दी है।
क्या कहता है भारत का कानून?
इस विवाद ने एक नई कानूनी बहस को जन्म दे दिया है। भारतीय कानून के अनुसार, 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को खतरनाक उद्योगों में काम कराना प्रतिबंधित है। हालांकि, खेल, अभिनय और अन्य प्रतिभा-आधारित गतिविधियों को इस कानून में अलग नजरिए से देखा गया है। 14 से 18 वर्ष के किशोर कुछ विशेष शर्तों के साथ गैर-खतरनाक कार्यों में शामिल हो सकते हैं, बशर्ते इससे उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
टीम के लिए साख का सवाल
बता दें कि राजस्थान रॉयल्स ने वैभव सूर्यवंशी को 1.10 करोड़ रुपये की बड़ी कीमत पर खरीदा है। टीम फिलहाल पॉइंट टेबल में टॉप-4 में बनी हुई है, लेकिन जयपुर में खेले गए पिछले दो मैचों में मिली हार ने प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। प्लेऑफ की राह आसान करने के लिए टीम को 9 और 19 मई को जयपुर में होने वाले मैच हर हाल में जीतने होंगे।
