बेंगलुरु: मानवता और अध्यात्म के वैश्विक संगठन ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ की स्थापना के 45 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बेंगलुरु में एक ऐतिहासिक महाआयोजन होने जा रहा है। 10 मई से शुरू होने वाले इस 16 दिवसीय उत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। यह आयोजन संस्था की 45वीं वर्षगांठ और इसके संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर के 70वें जन्मदिवस (13 मई) के सुखद संयोग पर आयोजित किया जा रहा है।
PM मोदी का खास कार्यक्रम और स्वागत की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 मई को बेंगलुरु के ‘आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर’ पहुँचेंगे। यहाँ वे ध्यान केंद्र ‘ध्यान मंदिर’ का उद्घाटन करेंगे और मानसिक स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, प्रकृति संरक्षण तथा सामाजिक परिवर्तन से जुड़ी कई राष्ट्रव्यापी सेवा परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद प्रधानमंत्री की यह पहली कर्नाटक यात्रा है, जिसे देखते हुए भाजपा की राज्य इकाई एचएएल (HAL) हवाई अड्डे पर उनके भव्य स्वागत की तैयारी कर रही है।

182 देशों की संस्कृतियों का संगम
इस वैश्विक समागम में विश्व के 182 से अधिक देशों के प्रतिनिधि प्रत्यक्ष और ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे। आयोजनों की मुख्य झलकियाँ निम्न हैं:
- सांस्कृतिक महोत्सव: 182 देशों की विविध संस्कृतियों, संगीत और नृत्य का प्रदर्शन।
- वैश्विक ध्यान: 13 मई को श्री श्री रवि शंकर के जन्मदिन पर विश्व शांति के लिए दुनिया भर में एक साथ ध्यान सत्र का आयोजन।
- बिम्सटेक यूथ एक्सचेंज: विदेश मंत्रालय के सहयोग से 7 देशों के युवा नेता यहाँ लीडरशिप ट्रेनिंग लेंगे।
- कैदी कल्याण चर्चा: 25-26 मई को जेल सुधारों और कैदियों के पुनर्वास पर विशेष गोलमेज सम्मेलन।
45 वर्षों का सफर और 1 अरब जिंदगियों पर प्रभाव
वर्ष 1981 में स्थापित ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ आज दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवक आधारित संगठन बन चुका है। अपनी विशेष ‘सुदर्शन क्रिया’ और सतत विकास के कार्यों के माध्यम से यह संस्था अब तक वैश्विक स्तर पर लगभग 1 अरब लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला चुकी है। इस समारोह में भारत के 450 जिलों से आए उन ‘अनसुने नायकों’ को भी सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने समाज सेवा में मिसाल पेश की है।
