RGHS फर्जीवाड़ा: सीकर के SK अस्पताल के पूर्व अधीक्षक और लैब संचालक गिरफ्तार, SOG की बड़ी कार्रवाई

सीकर/जयपुर: राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में हुए बड़े फर्जीवाड़े के मामले में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। SOG ने सीकर के श्री कल्याण (SK) अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. कमल कुमार अग्रवाल और एक निजी लैब संचालक डॉ. बनवारी लाल को गिरफ्तार कर लिया है। इन पर संगठित गिरोह बनाकर सरकार को आर्थिक चपत लगाने और निजी लैब को फायदा पहुँचाने के गंभीर आरोप हैं।

अल सुबह SOG की दबिश, दो आरोपी काबू

ADG (SOG) विशाल बंसल के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 7 बजे SOG की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। इस दौरान सीकर मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. कमल कुमार अग्रवाल उर्फ के.के. अग्रवाल (40), निवासी मुरलीपुरा, जयपुर और निजी लैब संचालक डॉ. बनवारी लाल उर्फ बी.लाल (65), निवासी बसंत विहार, सीकर को गिरफ्तार किया गया।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा फर्जीवाड़ा RGHS के तहत आने वाले मरीजों को बिना जरूरत के महंगी जांचें लिखकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाने से जुड़ा है। RGHS की परियोजना निदेशक डॉ. निधि पटेल की अनुशंसा पर मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट ने 3 महीने पहले ही सख्त कदम उठाए थे।

जांच में सामने आईं ये अनियमितताएं:

  • अनावश्यक जांचें: मरीजों को HbA1c, RA Factor, और Procalcitonin जैसी महंगी जांचें लिखी गईं, जबकि उनकी कोई चिकित्सकीय आवश्यकता नहीं थी।
  • रिकॉर्ड में हेरफेर: कई मामलों में टाइप-2 डायबिटीज (T2DM) के लिए HbA1c टेस्ट तो दिखाया गया, लेकिन रिकॉर्ड में उसकी रिपोर्ट ही उपलब्ध नहीं थी।
  • परामर्श का अभाव: ओपीडी (OPD) स्लिप पर संबंधित बीमारी या जांच की जरूरत का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं मिला।
  • निजी लैब को फायदा: सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं होने के बावजूद मरीजों को निजी लैब में जांच के लिए प्रेरित किया गया ताकि कमीशन का खेल चल सके।

7 डॉक्टर्स पर पहले ही गिर चुकी है गाज

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने पहले ही सीकर मेडिकल कॉलेज और स्थानीय पीएचसी-सीएचसी पर तैनात 7 डॉक्टर्स को सस्पेंड कर दिया था। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि इन डॉक्टर्स ने एक संगठित गिरोह की तरह काम किया। इनका मुख्य उद्देश्य सरकार की इस जनहितैषी योजना की आड़ में निजी डायग्नोस्टिक सेंटर्स को अनुचित लाभ पहुँचाना था।

SOG की जांच जारी

SOG अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और संदिग्ध लैब संचालकों की भूमिका की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान कुछ और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है और इस घोटाले के तार अन्य शहरों से भी जुड़ सकते हैं।

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