जयपुर: राजस्थान में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के ठेकेदारों की हड़ताल अब समाप्त हो गई है। प्रमुख शासन सचिव और वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में ठेकेदारों की प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई है। दिनांक 16 जून 2026 को प्रमुख शासन सचिव, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं मिशन निदेशक, जल जीवन मिशन की उपस्थिति में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई । इस बैठक में ठेकेदारों के लंबित भुगतान, समय विस्तार और अन्य विभागीय समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई और निम्नलिखित बिंदुओं पर अंतिम सहमति बनी है:
बैठक में इन 6 मुख्य बिंदुओं पर बनी सहमति:

- बीडब्ल्यूएस (BWS) एवं एमवीएस (MVS) योजनाओं का भुगतान: इन योजनाओं में एसएनए (SNA) के माध्यम से दिनांक 25.06.2026 तक 1000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा । इसके पश्चात दिनांक 10.07.2026 तक अतिरिक्त 1000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा ।
- एसवीएस (SVS) योजनाओं के भुगतान की शुरुआत: एसवीएस योजनाओं का एसएनए स्पर्श से भुगतान आरंभ कर दिया गया है । 15 जुलाई 2026 तक पात्र योजनाओं का 578 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा ।
- जीएसटी (GST) दरों में बढ़ोतरी: जीएसटी की दरों में बढ़ोतरी के भुगतान के संबंध में पत्रावली अनुमोदन हेतु वित्त विभाग को प्रेषित की जाएगी ।
- बिना पेनाल्टी के मिलेगा समय विस्तार: ऐसी योजनाएं जिनके कार्य पूर्ण करने की निर्धारित दिनांक 01.10.2024 के उपरांत से दिनांक 15.06.2026 तक है, उनका बिना क्षतिपूर्ति (पेनाल्टी) के दिनांक 01.10.2024 से दिनांक 15.06.2026 (20.5 माह) तक समय विस्तार किया जाएगा । इसके लिए पत्रावली वित्त विभाग को अनुमोदन हेतु प्रेषित की जाएगी ।
- एसडी (SD) राशि में कटौती पर विचार: एसडी राशि को 10 प्रतिशत से कम करने के प्रकरण पर दिनांक 15.07.2026 के उपरांत विचार किया जाएगा ।
- संचालन एवं संधारण (O&M) का भुगतान: जल जीवन मिशन की पात्र पेयजल योजनाओं के संचालन एवं संधारण का भुगतान राज्य मद से करवाने हेतु पत्रावली वित्त विभाग को अनुमोदन हेतु प्रेषित की जाएगी ।
इस समझौते से राज्य में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों में फिर से तेजी आने की उम्मीद है। इस सहमति पत्र पर मुख्य अभियंता (वि.प.) जयपुर राज सिंह चौधरी , मुख्य अभियंता (जेजेएम) जयपुर भवानी सिंह शेखावत और मुख्य अभियंता (परियोजना) जोधपुर देवराज के हस्ताक्षर मौजूद हैं ।