PHED में बड़ा धमाका, ‘Expose Now’ के खुलासे का बड़ा असर, दागी कंपनी ‘BRCCPL’ के बड़े खेल का पर्दाफाश

-229 करोड़ की अजमेर पेयजल परियोजना की निविदा से कंपनी अयोग्य, सत्यनिष्ठा संहिता के उल्लंघन और भ्रामक दस्तावेजों प्रस्तुत करने के प्रकरण में होगी डीबार / ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई

-PHED अधिकारियों ने पद का दुरूपयोग करते हुए कंपनी को ईएमडी राशि जप्ती की कार्रवाई से बचाकर राज्य सरकार को पहुंचाया 50 करोड़ से ज्यादा का वित्तीय नुकसान

-पिछली फाइलों में दबाई गई ‘मेहरबानी’ की भी खुलेगी पोल, JJM के प्रबंध निदेशक (MD) करेंगे पिछली बोलियों और क्षमता प्रमाण पत्रों की उच्च स्तरीय जांच

जयपुर। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के गलियारों में ‘Expose Now’ की खोजी खबर ने एक बार फिर ऐसा जोरदार धमाका किया है, जिसने मंत्रालय से लेकर नीचे तक के अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। विभाग की ऊंची कुर्सियों पर बैठे जिन चहेते अफसरों के संरक्षण में मैसर्स भूरत्नम कंस्ट्रक्शन कंपनी प्रा. लि. (बीआरसीसीपीएल-एलसी इन्फ्रा जेवी, हैदराबाद) को उपकृत करने का खेल चल रहा था, वह पूरी तरह बेनकाब हो गया है। अजमेर शहर की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निकाली गई करीब 229 करोड़ रुपये की निविदा में इस दागी कंपनी को न केवल अयोग्य (Disqualified) घोषित कर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है, बल्कि इसके खिलाफ RTPP एक्ट के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के आदेश जारी हो चुके हैं।

जालसाजी का पुराना इतिहास, तब दी चेतावनी, अब फंसा शिकंजा:-

यह वही कंपनी है जिसके 2024 के फर्जीवाड़ों और वित्तीय गड़बड़ियों पर PHED के आला अधिकारियों ने ‘विशेष मेहरबानी’ बरसाई थी। कायदे से उस वक्त करोड़ों रुपये की ईएमडी (EMD) जब्त कर कंपनी को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए था, लेकिन रसूख के चलते अधिकारियों ने महज एक खोखली ‘चेतावनी’ देकर मामले को रफा-दफा कर दिया था। इस मेहरबानी का नतीजा यह रहा कि कंपनी को बाद में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के काम रेवड़ियों की तरह बांट दिए गए।

लेकिन कहते हैं कि जालसाज अपनी फितरत नहीं बदलता। कंपनी ने नसीराबाद पंप हाउस से नौसर वैली कोटड़ा जोन तक पाइपलाइन और जलाशयों के निर्माण की निविदा संख्या- 11/2025-26 में भी वही पुराना भ्रामक और फर्जी दस्तावेजों का खेल खेला। ‘Expose Now’ ने जब इस पूरे खेल को उजागर किया, तो सचिवालय से लेकर जल भवन तक हड़कंप मच गया। शुरुआत में इंजीनियर्स और अफसरों की लॉबी कंपनी को क्लीन चिट देने और बचाने की जुगत में लगी रही, लेकिन सबूतों के आगे आखिरकार विभाग को घुटने टेकने पड़े।

वित्त समिति की सख्ती और BEC का बड़ा फैसला:-

‘Expose Now’ द्वारा निविदा संख्या- 11/2025-26 में मैसर्स भूरत्नम कंस्ट्रक्शन कंपनी प्रा. लि. द्वारा किए गए फर्जीवाड़ें के खेल का पर्दाफाश करने के बाद PHED फायनेंस कमेटी की 915वीं बैठक में इस मामले पर गंभीर आपत्तियां उठी थीं। इसके बाद मुख्य अभियंता (तकनीकी एवं टीएम) की अध्यक्षता में आयोजित बोली मूल्यांकन समिति (BEC) की विशेष बैठकों में ‘Expose Now’ द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर मुहर लगानी पड़ी।

जांच में सामने आया कि मैसर्स BRCCPL-ALC इन्फ्रा जेवी ने अनुभव प्रमाण पत्रों में सरासर भ्रामक जानकारी (Misrepresentation) दी थी। यह कृत्य आरटीपीपी (RTPP) अधिनियम, 2012 की धारा 11(3) और आरटीपीपी नियम, 2013 के नियम 80(2)(b) के तहत ‘सत्यनिष्ठा संहिता’ (Code of Integrity) का गंभीर उल्लंघन है। अब स्थापित कानूनी प्रक्रिया के तहत फर्म को डीबार या ब्लैकलिस्ट करने की अंतिम कार्रवाई शुरू की जा रही है।

पिछली बोलियों पर भी मंडराया खतरा, ACB में दर्ज है FIR:-

‘Expose Now’ का धमाका सिर्फ इस निविदा तक सीमित नहीं है। मुख्य अभियंता (शहरी एवं एनआरडब्ल्यू) को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि बीआरसीसीपीएल द्वारा पूर्व में प्रस्तुत किए गए सभी ‘बोली क्षमता प्रमाण पत्रों’ (Bidding Capacity Certificates) का पूरा कच्चा-चिट्ठा जांच के लिए प्रबंध निदेशक (MD), जल जीवन मिशन (JJM) को सौंपा जाए। यानी, पिछली सरकारों और पूर्व के टेंडरों में जो ‘फर्जीवाड़ा’ दबा रह गया था, उसकी परतें भी अब खुलेंगी। गौरतलब है कि जालसाजी के एक अन्य मामले में इस कंपनी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में पहले ही FIR दर्ज हो चुकी है।

टेंडर की ताजा स्थिति, 10 में से केवल 3 कंपनियां पाई गईं ‘फिट’:-

229 करोड़ रुपये के इस महा-टेंडर की तकनीकी बोलियों की रेस में कुल 10 कंपनियां शामिल हुई थीं, लेकिन गड़बड़ियों और शर्तों को पूरा न करने के कारण रेस अब बेहद सीमित हो गई है। निविदा में सिर्फ 3 कंपनियों को ही सफल घोषित किया गया है, जिनमें

-मैसर्स लक्ष्मी सिविल इंजीनियरिंग सर्विसेज प्रा. लि., कोल्हापुर

-मैसर्स एलसीसी-अंकिता कंस्ट्रक्शन जेवी, अहमदाबाद

-मैसर्स एसपीएमएल इन्फ्रा लिमिटेड, कोलकाता शामिल है।

वहीं मैसर्स विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया लिमिटेड, जोधपुर के भाग्य का फैसला कोर्ट/सुनवाई के अंतिम परिणाम के बाद होगा। इसके साथ ही मैसर्स श्री हरि इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स (जयपुर), मैसर्स ऑफशोर इंफ्रास्ट्रक्चर (मुंबई) और प्रतिष्ठित मैसर्स इंडियन ह्यूम पाइप कंपनी लिमिटेड (मुंबई) ने अपनी बोली की वैधता (Bid Validity) बढ़ाने से इनकार कर दिया, जिसे नियमानुसार बोली वापस लेना माना गया। वहीं मैसर्स ईएमएस लिमिटेड (गाजियाबाद) निर्माण और ओएंडएम अनुभव की शर्तों को पूरा नहीं कर सकी, जबकि मैसर्स आरएससी इन्फ्राटेक (अजमेर) मूल बैंक गारंटी ही जमा नहीं करा पाई।

मैसर्स भूरत्नम कंस्ट्रक्शन कंपनी प्रा. लि. के साथ मिलकर सरकारी खजाने में सेंध लगाने वाले और उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारियों के गठजोड़ का Expose Now जल्द ही पर्दाफाश भी करेगा। साथ ही मैसर्स BRCCPL के खिलाफ होने वाली आगामी कार्रवाई पर भी Expose Now की पैनी नजर बनी रहेगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now

Expose Now का वह बड़ा खुलासा जिसका हुआ यह असर, पढ़ें हमारी पिछली एक्सक्लूसिव रिपोर्ट:

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