करौली: पांचना बांध जल विवाद के दौरान जिले में फैली अशांति और सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणियों को लेकर करौली पुलिस अब सख्त एक्शन मोड में है। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने प्रेसवार्ता में जानकारी दी कि सोशल मीडिया पर जहर घोलने वाले और भड़काऊ पोस्ट डालने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
146 सोशल मीडिया अकाउंट बंद, चार केस दर्ज
एसपी लोकेश सोनवाल के अनुसार, विवाद को हवा देने और समुदायों के बीच कटुता पैदा करने के आरोप में अब तक चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें दो मामले दोनों पक्षों की ओर से, एक पुलिस की ओर से और एक पूर्व मंत्री के समर्थक द्वारा दर्ज कराया गया है।
- साइबर एक्शन: पुलिस ने आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वाले 146 सोशल मीडिया अकाउंट्स को बंद करवा दिया है।
- दायरा बढ़ा: पुलिस केवल करौली ही नहीं, बल्कि राजस्थान के अन्य जिलों से जुड़े संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी पड़ताल कर रही है।
धरपकड़ के लिए विशेष टीम गठित
शांति और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वालों को पकड़ने के लिए साइबर थानाधिकारी संतराम के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया है। एसपी ने स्पष्ट किया कि 24 लोगों को नामजद करने के साथ ही अन्य कई लोगों के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं। करौली डीएसपी अनुज शुभम को इस पूरे मामले का अनुसंधान अधिकारी (IO) नियुक्त किया गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों के भीतर इन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

‘सोशल मीडिया पर रखें संयम’ – पुलिस की अपील
एसपी लोकेश सोनवाल ने आमजन से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, जातिसूचक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा न करें। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है और भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विवाद के दौरान जिले में शांति बहाली के लिए 24 घंटे की नेटबंदी भी की गई थी, जिसके बाद अब पुलिस सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखे हुए है।
