अजमेर: राजस्थान के अजमेर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अजमेर डिस्कॉम (AVVNL) के किशनगढ़ कार्यालय में तैनात एक टेक्नीशियन को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी टेक्नीशियन बबलेश कुमार शर्मा ने पॉली हाउस के लिए बिजली कनेक्शन जारी करने की एवज में यह घूस मांगी थी।
क्या है पूरा मामला?
एसीबी के अनुसार, परिवादी ने 29 मई 2026 को ग्राम ढसूक स्थित अपनी कृषि भूमि पर पॉली हाउस के लिए बिजली कनेक्शन का आवेदन किया था। इस संबंध में जब परिवादी 23 जून को एक्सईएन (XEN) कार्यालय पहुंचा, तो वहां तैनात गिरीराज मीणा ने कनेक्शन जारी करने के बदले में 15,000 रुपये की रिश्वत मांगी और परिवादी को आगे की बातचीत टेक्नीशियन बबलेश कुमार शर्मा से करने को कहा।
फोन-पे (PhonePe) से ली रिश्वत
आरोपी टेक्नीशियन ने परिवादी को व्हाट्सएप कॉल करके रिश्वत की राशि ऑनलाइन भेजने का दबाव बनाया। शिकायत मिलने पर अजमेर एसीबी इंटेलिजेंस ने मामले का सत्यापन किया, जिसके दौरान आरोपी 10,000 रुपये लेने पर सहमत हो गया। एसीबी की योजना के अनुसार, जैसे ही परिवादी ने आरोपी के बताए अनुसार यूपीआई ऐप (फोन-पे) के जरिए 10,000 रुपये की राशि भेजी, एसीबी की टीम ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों की देखरेख में कार्रवाई
यह सफल कार्रवाई डीआईजी (DIG) नारायण टोगस के सुपरविजन में पुलिस निरीक्षक कंचन भाटी के नेतृत्व में संपन्न हुई। एसीबी ने आरोपी टेक्नीशियन को हिरासत में ले लिया है और मामले में शामिल अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एसीबी ने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश देते हुए आमजन से भ्रष्टाचार के मामलों में तुरंत संपर्क करने की अपील की है।
