सीकर। राजस्थान सरकार के ‘शहरी सेवा शिविर 2026’ अभियान के तहत श्रीमाधोपुर नगरपालिका क्षेत्र में आयोजित शिविर में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने आमजन की समस्याएं सुनीं और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को मौके पर राहत प्रदान की। इस दौरान 11 पात्र लाभार्थियों को आवासीय पट्टे वितरित किए गए।
राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक पहुंचे। शिविर के दौरान जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नामांतरण, संपत्ति संबंधी मामलों और अन्य शहरी सेवाओं से जुड़े आवेदनों का निस्तारण किया गया। मंत्री खर्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से समाधान किया जाए और किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
पट्टा वितरण अभियान से लोगों को राहत
मंत्री खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में लंबे समय से लंबित पट्टा प्रकरणों का समाधान करने के लिए विशेष अभियान चला रही है। शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रशासन को लोगों के घर तक पहुंचाना और पारदर्शी व्यवस्था के जरिए आमजन को राहत देना है। शिविरों में आवासीय पट्टों के अलावा विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है।
निकाय चुनावों पर मंत्री का बयान
शिविर के दौरान पत्रकारों से बातचीत में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने नगरीय निकाय चुनावों को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चुनाव कराने के पक्ष में है और संबंधित प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की जा रही हैं। सरकार समय पर चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा और अंतिम निर्णय राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है।
12 जून से 15 जुलाई तक चलेंगे शिविर
राजस्थान सरकार की ओर से प्रदेशभर में 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक ‘शहरी सेवा शिविर’ आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में नागरिक सेवाओं से जुड़े लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण करना और लोगों को राहत पहुंचाना है। शिविरों में पट्टा वितरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नाम संशोधन, कर संबंधी मामलों और अन्य नगर निकाय सेवाओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है।
श्रीमाधोपुर में आयोजित शिविर को स्थानीय नागरिकों ने सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं आसान हुई हैं और लोगों का समय व खर्च दोनों बच रहा है।