राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है । ब्यूरो की सवाई माधोपुर टीम ने करौली जिले के नादौती में तैनात उपखण्ड अधिकारी (SDM) काजल मीणा (RAS), उनके रीडर दिनेश कुमार सैनी और एक अन्य वरिष्ठ सहायक प्रवीण कुमार धाकड़ को 60,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है ।

जमीन के बंटवारे के बदले मांगी थी घूस
मामले के अनुसार, परिवादी चरतलाल मीणा निवासी खूडाचैनपुर ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पैतृक भूमि (खसरा नंबर 417, 518) के विभाजन (तकासमा) की फाइनल डिक्री जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है । परिवादी ने बताया कि तहसीलदार द्वारा बंटवारा स्कीम अक्टूबर 2025 में ही एसडीएम कार्यालय भेज दी गई थी, लेकिन एसडीएम काजल मीणा फाइनल डिक्री जारी नहीं कर रही थीं ।
जब परिवादी एसडीएम से मिला, तो उन्होंने अपने रीडर दिनेश सैनी से मिलने को कहा । रीडर ने शुरुआत में 1 लाख रुपये की मांग की, जो बाद में एसडीएम की सहमति से 50,000 रुपये (एसडीएम के लिए) और 10,000 रुपये (स्वयं रीडर के लिए) यानी कुल 60,000 रुपये पर तय हुई ।


एसीबी का जाल और ट्रैप की कार्रवाई
परिवादी चरतलाल ने 15 अप्रैल को जयपुर मुख्यालय में शिकायत की और 16 अप्रैल 2026 को सवाई माधोपुर एसीबी कार्यालय में लिखित रिपोर्ट दी। एएसपी ज्ञान सिंह चौधरी के नेतृत्व में टीम ने 16 अप्रैल को सुबह 8:30 बजे सत्यापन शुरू किया।
- पाउडर युक्त नोट: एसीबी ने 500-500 रुपये के 120 नोट (कुल 60,000 रुपये) पर फिनोफ्थलीन पाउडर लगाया।
- इशारा: परिवादी को निर्देश दिया गया कि रिश्वत देने के बाद आंखों से चश्मा हटाकर इशारा करें।
- ट्रैप का समय: शाम करीब 5:35 बजे, नादौती तहसील परिसर के एल.आर. कक्ष में रीडर दिनेश सैनी ने परिवादी से 60,000 रुपये प्राप्त किए।
व्हाट्सएप कॉल और डिजिटल सबूत
एसीबी की टीम ने जब जाल बिछाया, तो रीडर दिनेश सैनी ने परिवादी से 60,000 रुपये ले लिए और उन्हें अपने साथी कर्मचारी प्रवीण कुमार धाकड़ के बैग में रखवा दिया । इस दौरान एसीबी ने एक महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी जुटाया। आरोपी दिनेश सैनी ने एसीबी टीम के सामने ही एसडीएम काजल मीणा को व्हाट्सएप कॉल किया और रिश्वत राशि मिलने की पुष्टि की, जिस पर एसडीएम ने अपनी सहमति दी । यह पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर ली गई है ।

आरोपियों का विवरण
- काजल मीणा (RAS): उम्र 30 वर्ष, पुत्री डॉ. कमर सिंह मीणा, निवासी बडोली, वजीरपुर (सवाई माधोपुर)। जन्म तिथि: 24/12/1995।
- दिनेश कुमार सैनी (रीडर): उम्र 34 वर्ष, पुत्र मट्टूलाल सैनी, निवासी आगर की ढाणी, गढमौरा (करौली)। जन्म वर्ष: 1992।
- प्रवीण कुमार धाकड़ (वरिष्ठ सहायक): उम्र 36 वर्ष, पुत्र श्यामलाल धाकड़, निवासी बामोरी, गढमोरा (करौली)। जन्म वर्ष: 1990।
बैग से मिला 4 लाख का अतिरिक्त संदिग्ध कैश
कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ सहायक प्रवीण कुमार धाकड़ के बैग की तलाशी ली गई, जिसमें रिश्वत के 60,000 रुपये के अलावा 4,00,000 (चार लाख) रुपये का अतिरिक्त संदिग्ध कैश भी बरामद हुआ । इस राशि के बारे में आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया, जिसके बाद एसीबी ने इसे भी जब्त कर लिया है ।

केमिकल टेस्ट में पुख्ता हुए आरोप
एसीबी ने वैज्ञानिक पद्धति अपनाते हुए आरोपियों के हाथों की धुलाई करवाई। रीडर दिनेश सैनी के दोनों हाथों की धुलाई का रंग हल्का गुलाबी हो गया, जो रिश्वत के नोट छूने की पुष्टि करता है । वहीं, प्रवीण धाकड़ के बैग की धुलाई का रंग भी गुलाबी पाया गया ।
वैज्ञानिक साक्ष्य और जब्ती
- हाथों की धुलाई: रीडर दिनेश सैनी के हाथों को सोडियम कार्बोनेट के घोल में धुलवाया गया, तो रंग गुलाबी हो गया। प्रवीण धाकड़ के बैग की धुलाई का रंग भी गुलाबी आया।
- मोबाइल जब्ती: काजल मीणा का सैमसंग, दिनेश सैनी का वीवो और प्रवीण धाकड़ का एप्पल आईफोन जब्त किया गया है।
- रिकॉर्डिंग: रिश्वत की मांग सत्यापन, रिश्वत लेनदेन और व्हाट्सएप कॉल की पूरी रिकॉर्डिंग 16 जीबी के एसडी कार्ड में सुरक्षित की गई है।
गिरफ्तारी और आगामी कार्रवाई
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान सिंह चौधरी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई । तीनों आरोपियों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 12 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 61(2) के तहत गिरफ्तार किया गया है । मामले की आगे की जांच अब एसीबी भरतपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सिंह को सौंपी गई है ।
