जयपुर की गुलाबी सड़कों पर जब दर्जनों भारी ‘रॉयल एनफील्ड’ और ‘स्पोर्ट्स बाइक्स’ की गड़गड़ाहट एक साथ गूंजी, तो वह सिर्फ आगामी 3 जुलाई को रिलीज हो रही फिल्म ‘अल्फा’ (Alpha) का पीआर स्टंट नहीं था, बल्कि वह राजस्थान की रूढ़िवादी बेड़ियों के टूटने की गूंज थी। बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित स्पाई-एक्शन फिल्म ‘अल्फा’ (Alpha) की रिलीज का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। इस फिल्म के जोरदार प्रमोशन के लिए पिंक सिटी जयपुर में महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा और साहसिक नजारा देखने को मिला। फिल्म की लीड एक्ट्रेसेस आलिया भट्ट और शरवरी वाघ ने जयपुर के प्रमोशनल इवेंट में राजस्थान की साहसी ‘वुमन अल्फा बाइकर्स’ (Women Alpha Bikers) के साथ एक बेहद धांसू एंट्री ली। इस पावर-पैक्ड इवेंट के बाद डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘Expose Now’ ने राजस्थान की ‘वुमन अल्फा बाइकर्स’ (Women Alpha Bikers) की फाउंडर और उनकी पूरी राइडर गैंग के साथ एक Exclusive और दिल छू लेने वाली बातचीत की।

रियल लाइफ ‘अल्फा’ के बिना अधूरा था प्रमोशन
फिल्म ‘अल्फा’ की टीम का मानना था कि जयपुर में इस स्पाई-थ्रिलर का प्रमोशन असली जिंदगी की इन ‘अल्फा बाइकर्स’ के बिना अधूरा है। चूंकि इस फिल्म की कहानी एक ऐसी महिला जासूस (Lead Hero) पर आधारित है, जिसे बेहद मजबूत, निडर और आत्मनिर्भर (Independent) दिखाया गया है; इसलिए पीआर टीम ने खास रिसर्च करके राजस्थान के छोटे-बड़े कस्बों से आने वाली इन फीमेल बाइकर्स को ढूंढा और उन्हें इस इवेंट में साथ आने का विशेष निमंत्रण दिया।
‘समाज को लगता था बेटियां सिर्फ स्कूटी के लिए बनी हैं’
ग्रुप की फाउंडर ने ‘Expose Now’ से अपने शुरुआती संघर्ष को साझा करते हुए कहा—
“राजस्थान के कई ग्रामीण और छोटे इलाकों में आज भी बेटी को साइकिल या स्कूटी की चाबी देना परिवार का एक ‘बड़ा अहसान’ माना जाता है। ऐसे माहौल में 350cc और 650cc की भारी बाइक्स थामना सीधे तौर पर समाज के ताने सुनने को दावत देना था। शुरुआत में लोग पीछे से फब्तियां कसते थे कि ‘लड़कों की तरह हवा में उड़ रही है, घर कैसे संभालेगी?’ लेकिन हमने जवाब जुबान से नहीं, अपने सफर से दिया। आज आलम यह है कि वही लोग अपनी बेटियों को हमारे ग्रुप से जुड़ने के लिए मेरे पास लेकर आते हैं।”
हमारा ग्रुप शौक नहीं, एक ‘सपोर्ट सिस्टम’ है
बाड़मेर, झुंझुनूं, सीकर, टोंक, भरतपुर,गंगानगर और भीलवाड़ा जैसे छोटे कस्बों से ताल्लुक रखने वाली ग्रुप की ‘Gen-Z’ राइडर्स ने बताया कि यह ग्रुप सिर्फ वीकेंड पर जैकेट पहनकर फोटो खिंचाने के लिए नहीं बना है। टीम की एक राइडर ने बताया, हमारे लिए ‘अल्फा’ होने का मतलब किसी को नीचा दिखाना नहीं, बल्कि खुद को इतना मजबूत करना है कि कोई आपको दबा न सके।”

आलिया भट्ट का जेंडर डिबेट पर सीधा प्रहार
इवेंट के दौरान मीडिया से बातचीत में जब महिला प्रधान (Female-centric) फिल्मों के ट्रेंड को लेकर सवाल किया गया, तो आलिया भट्ट ने बेहद बेबाकी से अपनी बात रखी।
आलिया भट्ट ने कहा: “जब भी कोई फीमेल सेंटर्ड या एक्शन ओरिएंटेड फिल्म आती है, तो एक अभिनेत्री से सवाल सिर्फ एंटरटेनमेंट के आधार पर ही किए जाने चाहिए। इसे जेंडर के चश्मे से क्यों देखा जाए? हर फिल्म का अपना एक ‘हीरो’ होता है, फिर चाहे वह मेल हो या फीमेल।”