करौली: ‘Expose Now’ की लगातार पड़ताल और प्रमुखता से उठाई गई खबरों का एक बार फिर बड़ा और सकारात्मक असर देखने को मिला है। जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन ने आखिरकार मरीजों की समस्याओं पर गंभीर रुख अपनाते हुए कई बड़ी व्यवस्थाओं में सुधार कर दिया है। 10 किलोमीटर की लंबी दौड़ और कतारों से परेशान मरीजों को अब बड़ी राहत मिलती नजर आ रही है।
असाध्य रोगियों को बड़ी राहत
अस्पताल प्रशासन ने असाध्य (Chronic) रोगियों के प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विशेषज्ञ चिकित्सक और PMO की रिपोर्ट के बाद 30 मिनट से 3 घंटे के भीतर मरीज की बीमारी पोर्टल पर अपडेट हो रही है, जिससे उन्हें बार-बार अस्पताल आने से मुक्ति मिल गई है। इसके साथ ही 75 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए बिना फोटो की पर्ची जारी करने की सुविधा भी शुरू कर दी गई है।
अब मंडरायल रोड MCH विंग में भी शुरू हुआ काउंटर
मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल में आउटडोर दवा वितरण के लिए अब दो काउंटर स्थापित कर दिए गए हैं। सबसे बड़ी राहत मंडरायल रोड क्षेत्र के नागरिकों को मिली है, जहां MCH विंग में ही RGHS का नया काउंटर शुरू कर दिया गया है। इससे मरीजों को ई-पर्ची के लिए 10 किलोमीटर दूर मुख्य जिला अस्पताल तक आने-जाने की मजबूरी से फिलहाल बड़ी राहत मिल गई है। काउंटर के बाहर जल्द ही स्पष्ट बोर्ड भी लगाए जाएंगे ताकि लोगों को आसानी मिल सके।

60+ सीनियर सिटीजन की परेशानी पर PMO का बयान
हालाँकि, 75 वर्ष से कम और 60 वर्ष से अधिक उम्र के अन्य सीनियर सिटीजन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अभी भी कुछ हद तक जटिल बनी हुई है। इस पर जिला अस्पताल के PMO डॉ. रामकेश मीना ने कहा है कि बुजुर्ग मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि 60+ आयु वर्ग के बुजुर्गों को आ रही तकनीकी परेशानियों से सरकार को पत्र के माध्यम से अवगत कराया जाएगा, ताकि नियमों में और सुगमता लाई जा सके।
‘Expose Now’ के मंच से उठे सवालों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब जमीनी हकीकत को मजबूती से उठाया जाता है, तो व्यवस्थाएं भी हिलती हैं और आम जनता को राहत मिलती है। हालांकि, 60+ आयु वर्ग के बुजुर्गों के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया को और सरल बनाना अभी भी एक बड़ी चुनौती है, जिस पर प्रशासन को आगे काम करना होगा।