जयपुर , मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को सीकर रोड स्थित नींदड़ में आयोजित 1008 कुण्डीय हनुमान महायज्ञ एवं श्रीराम कथा महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान में मुख्यमंत्री ने सपरिवार जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुति प्रदान की और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं विश्व कल्याण की कामना की।
सनातन परंपरा के ध्वजवाहक हैं जगद्गुरु: मुख्यमंत्री
यज्ञ के उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा:
- सांस्कृतिक संरक्षण: स्वामी जी का भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के संरक्षण व संवर्धन में अद्वितीय योगदान है।
- यज्ञ की महत्ता: भारतीय संस्कृति में यज्ञ केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को साकार करने का माध्यम है।
- सद्भावना का प्रतीक: ऐसे आयोजनों से समाज में सद्भावनाएं सशक्त होती हैं और राज्य के विकास को नई आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है।
“भारत को विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनाना उद्देश्य”
इस अवसर पर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज ने यज्ञ के संकल्प को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह महायज्ञ निम्नलिखित उद्देश्यों की पूर्ति के लिए आयोजित किया जा रहा है:
- आर्थिक शक्ति: भारत को विश्व की शीर्ष आर्थिक महाशक्ति बनाने की कामना।
- अखण्ड भारत: राष्ट्र को अखण्ड, अजय और सामरिक रूप से सशक्त बनाना।
- लोक कल्याण: सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं की पूर्ति और लोक कल्याण।
महाराज जी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान द्वारा की जा रही प्रगति की सराहना की और प्रदेश के उज्जवल भविष्य के लिए आशीर्वाद प्रदान किया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण
- 1008 कुण्डीय यज्ञ: विशाल यज्ञशाला में एक साथ सैकड़ों विद्वानों द्वारा मंत्रोच्चार।
- सपरिवार उपस्थिति: मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी और परिवार के साथ शास्त्रोक्त विधि से पूजन किया।
- धार्मिक समागम: जयपुर और आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
