जयपुर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की भारी कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। चालू शैक्षणिक सत्र में शिक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए ‘विद्या संबल योजना’ के तहत प्रदेश भर में 76 हजार 791 रिक्त पदों पर गेस्ट फैकल्टी (अस्थायी शिक्षकों) की नियुक्ति की जाएगी। इस संबंध में राज्य के मुख्य सचिव ने सभी जिला कलक्टरों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन विद्यालयों में अध्यापन व्यवस्था को मजबूत करना है, जहां शिक्षकों के पद खाली होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। युवाओं के साथ-साथ सेवानिवृत्त शिक्षकों के लिए भी यह एक बेहतरीन मौका है।
शाला दर्पण पोर्टल के अनुसार रिक्त पदों का गणित अगस्त माह में शाला दर्पण पोर्टल के ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में हजारों पद खाली हैं, जिन्हें इस योजना के तहत भरा जाएगा:
- कुल रिक्त पद: 76,791
- वरिष्ठ अध्यापक (ग्रेड-II): 51,877 पद
- व्याख्याता (ग्रेड-I): 15,227 पद
- इसके अलावा, तृतीय श्रेणी (ग्रेड-III) शिक्षकों के भी बड़ी संख्या में पद खाली चल रहे हैं।

कैसे होगा चयन? (Selection Process) गेस्ट फैकल्टी की यह पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और मेरिट के आधार पर होगी।
- चयन के लिए जिला स्तर पर एक समिति का गठन किया जाएगा, जिसके अध्यक्ष संबंधित जिले के जिला कलक्टर होंगे।
- न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट (वरीयता सूची) तैयार की जाएगी।
- प्रत्येक रिक्त पद के लिए यथासंभव तीन अभ्यर्थियों का एक पैनल तैयार किया जाएगा।
- इन पदों पर योग्य नए युवा अभ्यर्थी और सेवानिवृत्त शिक्षक दोनों ही आवेदन करने के पात्र होंगे।
पद के अनुसार कितना मिलेगा मानदेय (Salary Details) गेस्ट फैकल्टी को उनके पद और पढ़ाए गए पीरियड के आधार पर आकर्षक मानदेय दिया जाएगा:
- व्याख्याता (ग्रेड-I): 400 रुपए प्रति पीरियड (अधिकतम 30,000 रुपए प्रतिमाह)
- वरिष्ठ अध्यापक (ग्रेड-II): 350 रुपए प्रति पीरियड (अधिकतम 25,000 रुपए प्रतिमाह)
- शिक्षक लेवल-1 और लेवल-2 (ग्रेड-III): 300 रुपए प्रति पीरियड (अधिकतम 21,000 रुपए प्रतिमाह)
- पीटीआई, प्रयोगशाला सहायक और अनुदेशक: 300 रुपए प्रति पीरियड (अधिकतम 21,000 रुपए प्रतिमाह)
नियुक्ति की प्रमुख शर्तें और नियम
- यह नियुक्ति पूरी तरह से अस्थायी होगी और केवल एक शैक्षणिक सत्र या सेमेस्टर के लिए की जाएगी।
- जिस पद पर गेस्ट फैकल्टी लगाई जाएगी, वहां यदि कोई नियमित (Permanent) शिक्षक नियुक्त होकर आ जाता है, तो गेस्ट फैकल्टी की सेवा स्वतः समाप्त मान ली जाएगी।
- कार्य की नियमित मॉनिटरिंग होगी और संतोषजनक कार्य के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा।
- इस अस्थायी सेवा के आधार पर भविष्य में नियमित नियुक्ति या परमानेंट करने का कोई दावा नहीं किया जा सकेगा।
- गेस्ट फैकल्टी को आवंटित विद्यालय में ही कार्य करना होगा, उन्हें स्थान परिवर्तन (Transfer) मांगने का अधिकार नहीं होगा।
- फर्जी दस्तावेज या गलत जानकारी देने पर नियुक्ति तुरंत रद्द कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बड़ी चुनौती: कम समय में कोर्स पूरा कराना
वर्तमान शैक्षणिक सत्र शुरू हुए करीब पांच महीने बीत चुके हैं। स्कूलों में प्रथम और द्वितीय टेस्ट हो चुके हैं और अक्टूबर में अर्द्धवार्षिक (Half-yearly) परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। ऐसे में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने में अगर एक महीना लगता है, तो नए शिक्षकों के पास कोर्स पूरा कराने के लिए बहुत कम समय बचेगा। यह गेस्ट फैकल्टी के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
शिक्षक संघ (रेस्टा) के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे छात्रों को राहत मिलेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि गेस्ट फैकल्टी की जवाबदेही तय होनी चाहिए और पूर्व में बेहतर बोर्ड परिणाम देने वाले शिक्षकों को चयन में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।