अजमेर: राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीमों ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने अजमेर में रीको के सीनियर डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM) अंजय विश्वकर्मा और ब्यावर में जूनियर असिस्टेंट कमलेश को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दिलचस्प बात यह है कि अजमेर में गिरफ्तार हुए सीनियर डीजीएम अंजय विश्वकर्मा इसी महीने की 31 तारीख को सेवानिवृत्त (रिटायर) होने वाले थे।
लीज डीड के बदले मांगी थी रिश्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी कि लीज डीड (Lease Deed) जारी करने की एवज में इन अधिकारियों द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी जयपुर की टीमों ने जाल बिछाया:
- अजमेर कार्रवाई: एसीबी ने अजमेर में तैनात सीनियर डीजीएम अंजय विश्वकर्मा को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया। विश्वकर्मा मूलतः किशनगढ़ में पदस्थापित हैं, लेकिन उनके पास अजमेर का अतिरिक्त प्रभार (चार्ज) था।
- ब्यावर कार्रवाई: वहीं, ब्यावर में रीको के जूनियर असिस्टेंट कमलेश को 35,000 रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
सेवानिवृत्ति से चंद दिन पहले सलाखों के पीछे
एसीबी की इस कार्रवाई ने पूरे विभाग में हड़कंप मचा दिया है। गिरफ्तार सीनियर डीजीएम अंजय विश्वकर्मा की सेवानिवृत्ति में महज कुछ ही दिन शेष थे, लेकिन रिटायरमेंट से ठीक पहले भ्रष्टाचार के इस मामले में फंसकर वे अब कानूनी कार्यवाही का सामना करेंगे। एसीबी की टीम अब दोनों अधिकारियों के ठिकानों की तलाशी लेने और आय से अधिक संपत्ति के पहलुओं की जांच करने में जुटी है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी। फिलहाल, एसीबी टीम द्वारा दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके द्वारा किए गए अन्य लेन-देन की भी गहन पड़ताल की जा रही है।
