मेहनत, लगन और समर्पण को सम्मान: जयपुर के छह पुलिसकर्मी बने ‘कॉन्स्टेबल ऑफ द मंथ’
जयपुर। राजधानी जयपुर में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनसेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों के समर्पण को पहचानते हुए जयपुर पुलिस ने एक सराहनीय पहल की है। जुलाई 2026 के दौरान उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले छह पुलिसकर्मियों को ‘कॉन्स्टेबल ऑफ द मंथ’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
बुधवार को जयपुर पुलिस आयुक्तालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह में पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने चयनित पुलिसकर्मियों को यह सम्मान प्रदान किया तथा उनकी कर्तव्यनिष्ठा, कार्यशैली और सेवा भावना की मुक्तकंठ से सराहना की।
‘आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय’ का संकल्प
समारोह को संबोधित करते हुए पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने कहा कि जयपुर पुलिस का मूल ध्येय ‘आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय’ के संकल्प को जमीनी स्तर पर साकार करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि फील्ड में दिन-रात मुस्तैदी से काम करने वाले पुलिसकर्मियों की मेहनत को पहचान देने से न केवल उनका मनोबल बढ़ता है, बल्कि पूरी पुलिस फोर्स में अधिक ऊर्जा, लगन और निष्ठा के साथ जनसेवा करने की प्रेरणा भी मिलती है।
इन 6 जांबाजों को मिला सम्मान और उनकी उपलब्धियां
1. कांस्टेबल आबिद खान (जिला पूर्व)
डीसीपी पूर्व की जुलाई माह की विशेष कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने में कांस्टेबल आबिद खान की अहम भूमिका रही। उन्होंने मोटर व्हीकल (MV) एक्ट के तहत सख्त प्रवर्तन, बाल वाहिनी अभियान और सड़क सुरक्षा हेतु रिफ्लेक्टर टेप लगाने के अभियान में उल्लेखनीय कार्रवाई कराई। इसके साथ ही, सर्किल और थानों की क्राइम मीटिंग संबंधी महत्वपूर्ण सूचनाओं का संकलन और समय पर प्रेषण सुनिश्चित किया।
2. कांस्टेबल राकेश (जिला विशेष टीम – जयपुर पश्चिम)
कांस्टेबल राकेश ने अपनी सूझबूझ और तकनीकी जांच के दम पर हसनपुरा थाने के मुकदमा संख्या 354/26 में दर्ज एक अज्ञात व्यक्ति की हत्या (ब्लाइंड मर्डर) का पर्दाफाश किया। उन्होंने बस्सी टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज और टोल डेटा का बारीकी से विश्लेषण कर मृतक की पहचान की। इसी आधार पर हत्या के मुख्य आरोपी सोनू बैरवा और सुधांशु जांगिड़ को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
3. कांस्टेबल ओमेश (जिला उत्तर)
कांस्टेबल ओमेश ने त्वरित जांच और तत्परता की मिसाल पेश करते हुए जयसिंहपुरा थाना क्षेत्र में हुए अज्ञात व्यक्ति के अंधे कत्ल (ब्लाइंड मर्डर) का खुलासा महज दो घंटे के भीतर कर दिया। आरोपियों को नामजद करने के अलावा उन्होंने विभिन्न आपराधिक मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे इनामी अपराधियों को पकड़वाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
4. कांस्टेबल मुकेश कुमार (जिला दक्षिण)
न्यायिक प्रक्रियाओं के क्रियान्वयन में कांस्टेबल मुकेश कुमार ने रिकॉर्ड कार्रवाई की। उन्होंने जुलाई माह में 11 स्थायी वारंट, 20 गिरफ्तारी वारंट और 35 जमानती वारंटों का सफलतापूर्वक निस्तारण कराकर कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया।
5. कांस्टेबल सुरेश कुमार (यातायात)
यातायात नियंत्रण के दौरान सतर्कता दिखाते हुए कांस्टेबल सुरेश कुमार ने दो चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं और उन्हें संबंधित थाने के सुपुर्द कर वाहन चोरों के नेटवर्क पर अंकुश लगाने में सहयोग दिया।
6. कांस्टेबल भजन लाल (पुलिस नियंत्रण कक्ष)
पुलिस नियंत्रण कक्ष (PCR) में तैनात कांस्टेबल भजन लाल ने उच्च न्यायालयों एवं अधीनस्थ न्यायालयों से प्राप्त महत्वपूर्ण अपीलों, रिट याचिकाओं और अन्य न्यायिक प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण में सराहनीय कार्य किया।