कागजों में बना दिया बॉस्केटबॉल स्टेडियम और डिग्गी! ACB जांच में दोषी पाई गईं सरपंच इन्द्रा देवी, तत्कालीन सचिव भी नामजद

श्रीगंगानगर/घडसाना। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की श्रीगंगानगर-प्रथम इकाई ने पंचायती राज में फैले भ्रष्टाचार और विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये के सरकारी धन के गबन के गंभीर मामले में बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। एसीबी ने घड़साना पंचायत समिति की ग्राम पंचायत 17 के.एन.डी.-ए (17 K.N.D.-A) की तत्कालीन महिला सरपंच श्रीमती इन्द्रा देवी और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी (VDO/सचिव) औंकार सिंह के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र रचकर कुल ₹3,45,945 के गबन और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।

ग्रामीण की शिकायत पर खुली भ्रष्टाचार की परतें

इस मामले की शुरुआत 12 फरवरी 2019 को हुई थी, जब ग्राम पंचायत 17 केएनडी-ए के निवासी सतीश कुमार (पुत्र मनीराम) ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय में एक विस्तृत लिखित शिकायत प्रेषित की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ग्राम पंचायत में विभिन्न सरकारी योजनाओं (FFC और TFC) के अंतर्गत स्वीकृत बजट में भारी फर्जीवाड़ा कर बिना कार्य करवाए या घटिया निर्माण करवाकर लाखों रुपये उठा लिए गए हैं।

इस शिकायत पर प्रारंभिक जांच दर्ज होने के बाद ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा फरवरी 2024 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत अनुसंधान शुरू करने की मंजूरी (पूर्वानुमोदन) दी गई थी।

उच्च स्तरीय जांच कमेटी के भौतिक सत्यापन में पकड़ी गई चोरी

अधिकारियों के आदेश पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जिला परिषद श्रीगंगानगर द्वारा तीन सदस्यीय विशेष जांच कमेटी का गठन किया गया । इस कमेटी में घड़साना के विकास अधिकारी (BD0) शिवभगवान रैगर, सहायक लेखाधिकारी अशोक कुमार और सहायक अभियंता जसप्रीत सिंह को शामिल किया गया था। जांच दल ने जब मौके पर जाकर नाप-तोल (मूल्यांकन) किया और ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड खंगाले, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

  1. गौशाला परिसर की चारदीवारी में गड़बड़ी: गौशाला में चारदीवारी निर्माण मय गेट के लिए ₹3,32,000 की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी की गई थी । श्रमिकों के फर्जी मस्ट्रोल और सामग्री के बिल लगाकर राशि तो उठा ली गई, लेकिन जब जांच कमेटी ने मौके पर मूल्यांकन किया, तो कार्य पेटे ₹1,90,477 की भारी रिकवरी (वसूली) पाई गई।
  2. कागजों में बना दिया बॉस्केटबॉल स्टेडियम: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय 17 केएनडी-ए में पहले से बने बॉस्केटबॉल स्टेडियम के नाम पर दोबारा ₹5,00,000 की स्वीकृति करवा ली गई। मौके पर जब निरीक्षण किया गया, तो स्टेडियम के नाम पर स्वीकृत राशि में से ₹90,838 का सीधा गबन पाया गया।
  3. पेयजल डिग्गी निर्माण में हेरफेर: जगदीश धायल के खेत के पास 19 केएनडी में सार्वजनिक पेयजल डिग्गी निर्माण कार्य के मूल्यांकन में कमेटी को ₹28,073 की अनियमितता व वसूली मिली।
  4. रिकॉर्ड गायब: मिट्टी भर्ती एवं पार्क निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड ही ग्राम पंचायत में उपलब्ध नहीं करवाया गया, जिसके कारण उनकी भौतिक जांच तक नहीं हो सकी।

पूर्व सरपंच और वीडीओ के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज

जांच प्रक्रिया के दौरान तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी औंकार सिंह ने अपना स्पष्टीकरण पेश किया, लेकिन मुख्य आरोपी तत्कालीन सरपंच इन्द्रा देवी ने एसीबी की जांच में कोई सहयोग नहीं किया और अपना जवाब तक प्रस्तुत नहीं किया।

जांच रिपोर्ट के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, जयपुर के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के निर्देशानुसार दोनों मुख्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(d), 13(2) सहित तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 409 (लोकसेवक द्वारा अमानत में खयानत), 420 (धोखाधड़ी) और 120-B ( criminal conspiracy) के तहत एफआईआर संख्या 132/2026 दर्ज की गई है।

इस मामले में एक अन्य पूर्व सरपंच सूरजपाल सिंह (जिसके समय ₹36,557 की गड़बड़ी पाई गई थी) की मृत्यु हो चुकी है, इसलिए वर्तमान में जीवित आरोपियों पर ही कानूनी शिकंजा कसा गया है । मामले की अग्रिम विस्तृत जांच हनुमानगढ़ एसीबी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपर पुलिस अधीक्षक) सुधा पालावत को सौंपी गई है।

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