जयपुर। धार्मिक आस्था और श्रद्धालुओं के विश्वास का फायदा उठाकर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक आरोपी को जयपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पार्श्वनाथ जी के दर्शन कराने और धार्मिक यात्रा करवाने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। श्रद्धालुओं से ऑनलाइन भुगतान करवाने के बाद आरोपी उनके मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देता था और यात्रा से जुड़ी कोई सेवा उपलब्ध नहीं कराता था।
जयपुर पश्चिम पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार कार्रवाई पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम राजेश कुमार गुप्ता के सुपरविजन में की गई। साइबर सेल प्रभारी अनिल कुमार की टीम ने करधनी थाना पुलिस के सहयोग से आरोपी को पकड़ा।
धार्मिक यात्रा के नाम पर बनाया ठगी का नेटवर्क
जांच में सामने आया कि आरोपी ने दूर एंड ट्रैवल्स की आड़ में ऑनलाइन ठगी का नेटवर्क तैयार कर रखा था। आरोपी मध्यप्रदेश सहित विभिन्न स्थानों के मंदिरों और धार्मिक स्थलों की यात्रा से संबंधित आकर्षक पोस्टर तैयार कर उनका प्रचार करता था। इन पोस्टरों को देखकर श्रद्धालु आरोपी से संपर्क करते थे।
इसके बाद आरोपी पार्श्वनाथ जी के दर्शन और धार्मिक यात्रा कराने का भरोसा देकर लोगों से ऑनलाइन पैसे अपने खातों में जमा करवाता था। रकम मिलने के बाद वह संबंधित लोगों के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देता था। इस तरह श्रद्धालुओं को न तो यात्रा की सुविधा मिलती थी और न ही जमा की गई रकम वापस की जाती थी।
साइबर पोर्टल पर 37 से ज्यादा शिकायतें
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ देशभर के साइबर पोर्टल पर 37 से अधिक शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है। इससे पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने धार्मिक यात्रा के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों को अपना शिकार बनाया है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड, नौ चेकबुक और पांच पासबुक बरामद की हैं। इन दस्तावेजों और मोबाइल उपकरणों की जांच के जरिए पुलिस ठगी की रकम और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
आरोपी की पहचान अभिषेक कुमार जैन के रूप में
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अभिषेक कुमार जैन (37) निवासी मंगलम सिटी, जयपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
जांच में पुलिस आरोपी के बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और लेन-देन का रिकॉर्ड खंगाल रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि ठगी से प्राप्त रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर की गई और इस पूरे नेटवर्क में आरोपी के साथ अन्य कौन लोग शामिल हैं। पुलिस बरामद मोबाइल और बैंकिंग दस्तावेजों के आधार पर ठगी के मामलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।