राजधानी जयपुर में पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की विधिक माप विज्ञान टीम ने शहर के बाहरी इलाकों में औचक छापेमारी कर ‘मीटर के जादू’ का पर्दाफाश किया है। जांच में पाया गया कि कई पंप संचालक उपभोक्ताओं से पूरा पैसा वसूलने के बावजूद उन्हें तय मात्रा से कम पेट्रोल-डीजल दे रहे थे। विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन पेट्रोल पंपों के 12 नोजल सीज कर दिए हैं।
प्रति 5 लीटर पर 40 ML की ‘लूट’
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा को लगातार मिल रही शिकायतों के बाद तीन विशेष टीमों का गठन किया गया था। सोमवार को हुई जांच में सामने आया कि बगरू, नींदड़ और दिल्ली रोड स्थित पंपों पर प्रति पांच लीटर पेट्रोल-डीजल में 30 से 40 एमएल तक कम तेल दिया जा रहा था। इस हेराफेरी के जरिए पंप संचालक हर महीने 70 हजार से 1 लाख रुपये तक की अवैध कमाई कर रहे थे।
इन पंपों पर गिरी गाज
विभाग ने गड़बड़ी मिलने पर निम्नलिखित कार्रवाई की है:
- बगरू (रीको औद्योगिक क्षेत्र): महेंद्र शर्मा एंड कंपनी पर 40 एमएल तक कम तेल मिला। यहाँ से महीने में करीब 1 लाख रुपये की काली कमाई की जा रही थी।
- नींदड़: मैसर्स विनायक इंडियन पेट्रोल पंप पर 30 एमएल तक की गड़बड़ी मिली।
- दिल्ली रोड: झंडी प्रसाद-परमेश्वर लाल पेट्रोल पंप पर भी 30 एमएल कम तेल देने की पुष्टि हुई।
- आमेर: हाइवे सर्विस स्टेशन को भी संदिग्ध गड़बड़ी के चलते नोटिस जारी किया गया है।
भारी जुर्माना और प्रदेश भर में जांच के आदेश
मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि इन पंपों पर कुल 67 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि उपभोक्ताओं के साथ इस तरह की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब राजस्थान के सभी पेट्रोल पंपों का गहन निरीक्षण किया जाएगा और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एक्सपर्ट की सलाह: ‘जीरो’ जरूर देखें
विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ के उप नियंत्रक आलोक झारवाल ने जनता से अपील की है कि वे पेट्रोल या डीजल भरवाते समय मीटर पर ‘जीरो’ (Zero) रीडिंग जरूर चेक करें। उन्होंने कहा कि अक्सर सेल्समैन उपभोक्ताओं का ध्यान भटकाकर गड़बड़ी करते हैं, इसलिए सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
