भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य के प्रतीक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की आज पहली सालगिरह है। ठीक एक साल पहले, 7 मई को भारतीय जांबाजों ने सीमा पार आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दुनिया को अपनी शक्ति का अहसास कराया था। इस ऐतिहासिक दिन का जश्न मनाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज गुलाबी नगरी जयपुर पहुंच रहे हैं।
सेना के दिग्गजों का होगा जमावड़ा
जयपुर स्थित सप्त शक्ति कमान (South Western Army Command) में आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में रक्षा मंत्री के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी शिरकत करेंगे। यह आयोजन न केवल ऑपरेशन की ऐतिहासिक सफलता को याद करने के लिए है, बल्कि उन वीरों के सम्मान में भी है जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए इस मिशन को मुमकिन बनाया।
राजस्थान: सुरक्षा का अभेद्य दुर्ग
भारतीय सैन्य रणनीति में राजस्थान की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। पाकिस्तान के साथ लंबी सीमा साझा करने के कारण ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और फलोदी जैसे जिले सुरक्षा के सबसे अहम केंद्र रहे। सेना ने इन क्षेत्रों से न केवल सीमाओं की रक्षा की, बल्कि दुश्मन के कई ड्रोन हमलों को भी नाकाम कर दिया था।
जयपुर में फिर दिखेगा पराक्रम
सैन्य आयोजनों के लिहाज से यह साल राजस्थान के लिए बेहद खास रहा है। इसी साल 15 जनवरी को जयपुर में आर्मी डे परेड का शानदार आयोजन हुआ था, जहां दुनिया ने भारत के टैंकों, हेलीकॉप्टरों और आधुनिक हथियारों की ताकत देखी थी। आज एक बार फिर राजस्थान की यह वीर धरा भारतीय सेना के पराक्रम की गवाह बनने जा रही है।
