राजस्थान विधानसभा: ‘CBI जांच’ लिखी साड़ी पहनकर पहुंचीं विधायक ऋतु बनावत, भ्रष्टाचार के आरोपों पर सदन के बाहर अनोखा प्रदर्शन

जयपुर, राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन जहाँ सियासी गलियारों में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा रही, वहीं बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत ने अपने पहनावे और विरोध के तरीके से सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। विधायक बनावत ‘CBI जांच’ के नारे लिखी हुई साड़ी पहनकर विधानसभा पहुंचीं।

क्या है पूरा मामला?

विधायक ऋतु बनावत पर पिछले दिनों विधायक निधि (MLA Fund) में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए विधायक ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। उन्होंने मांग की है कि उनकी छवि खराब करने की कोशिश करने वालों का सच सामने लाने के लिए मामले की उच्च स्तरीय जांच हो।

विधायक ऋतु बनावत की प्रमुख मांगें और तर्क:

  • CBI जांच की मांग: ऋतु बनावत ने कहा, “मुझ पर जो भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, उसकी जांच CBI से कराई जाए। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है, तो हाईकोर्ट के सिटिंग जज से इस मामले की जांच होनी चाहिए।”
  • जनता का विश्वास: उन्होंने जोर देकर कहा कि राजस्थान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी जनप्रतिनिधि पर इस तरह के सवाल उठाए गए हों, जिससे जनता का विश्वास डगमगाने लगा है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ होना जरूरी है।
  • ब्लैकमेलिंग का आरोप: विधायक ने आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति वीडियो रिकॉर्डिंग की बात कर रहा है, उसके पास क्या सबूत हैं? उन्होंने इसे ‘ब्लैकमेलिंग का खेल’ करार दिया।

“डील” शब्द पर उठाए सवाल

ऋतु बनावत ने भ्रष्टाचार के दावों में इस्तेमाल किए जा रहे ‘डील’ शब्द पर आपत्ति जताते हुए कहा कि न तो कोई एग्रीमेंट साइन हुआ, न ही कोई टोकन मनी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अड़ियल रवैया अपनाकर उनकी राजनीतिक छवि को धूमिल करना चाहते हैं।

“जब तक मुझे न्याय नहीं मिलेगा, मैं इस मामले को जनता और सदन के सामने इसी तरह रखती रहूँगी। यह लड़ाई केवल मेरी नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों की गरिमा की है।”ऋतु बनावत, विधायक (बयाना)

सत्र की अन्य बड़ी हलचलें:

आज सदन की शुरुआत में जहाँ राज्यपाल ने AI पॉलिसी और रोजगार पर सरकार का विजन रखा, वहीं विपक्ष (कांग्रेस) ने मनरेगा के नाम परिवर्तन को लेकर पैदल मार्च किया। सत्र के पहले ही दिन इन अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों ने यह संकेत दे दिया है कि आगामी दिनों में सदन में भारी हंगामा देखने को मिल सकता है।

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