करौली, एक तरफ जहाँ देशभर में गणतंत्र दिवस का जश्न मनाया जा रहा था, वहीं करौली के मंडरायल कस्बे के झंडा चौक पर UGC बिल को लेकर सामान्य वर्ग के लोगों ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया। आयोजित महापंचायत में वक्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की और ‘मोदी सरकार मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए इस बिल को ‘काला कानून’ करार दिया।
“थ्री एक्ट से भी ज्यादा खतरनाक है UGC बिल” बैठक को संबोधित करते हुए एडवोकेट रामसहाय पाराशर, उत्तम सिंह और राजेंद्र गुप्ता सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि सामान्य वर्ग पहले ही ‘थ्री एक्ट’ (SC/ST एक्ट) के दुरुपयोग से परेशान है, जिसमें 90% मुकदमे झूठे पाए जाते हैं। अब सरकार UGC बिल लाकर छात्र-छात्राओं के भविष्य को और अधिक खतरे में डाल रही है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि यह बिल पुराने कानूनों से भी अधिक घातक है।
भाजपा को दी सीधी चेतावनी: “बटोगे तो कटोगे का नारा देने वाले ही बांट रहे हिंदू समाज” पंचायत में मौजूद लोगों ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सामान्य वर्ग भाजपा को 80% मतदान केवल हिंदुत्व के नाम पर करता है, लेकिन सरकार ने बदले में इस वर्ग के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने सरकार के ‘बटोगे तो कटोगे’ नारे पर तंज कसते हुए कहा कि असल में भाजपा सरकार ही नई-नई घोषणाएं कर हिंदुत्व को बांटने का काम कर रही है।

1 फरवरी को रहेगा बाजार बंद विरोध प्रदर्शन को धार देने के लिए पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 1 फरवरी को मंडरायल बाजार पूरी तरह बंद रखा जाएगा। इस दौरान राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर बिल वापस लेने की मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि मांग नहीं मानी गई, तो सामान्य वर्ग सड़कों पर उतरकर “ईंट से ईंट बजा देगा।”
बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में विजय पाल, गौरव पाल, सूरज बंसल, पिंटू गुप्ता, सतीश शर्मा, वृषभान सिंह, गुड्डू सिंह, गोपाल सिंह, संतोष खेमरिया, शिवकांत कौशिक, नूतन शर्मा, लाला चौबे, सौरव समाधिया, गौतम बंसल, जोनू पुजारी सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।
