जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक आज सुबह करीब 11 बजे अचानक जे.के. लोन हॉस्पिटल पहुंचे। उनके साथ अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर.एम. सेहरा और अन्य प्रशासनिक डॉक्टर भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने ओपीडी ब्लॉक, एनआईसीयू (NICU), जनरल वार्ड और लैब का विस्तृत दौरा कर बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया।
गर्मी से बचाव और पानी की व्यवस्था पर जोर
कलेक्टर ने अस्पताल के ओपीडी ब्लॉक और कॉमन एरिया में मरीजों के परिजनों के लिए कूलर, पंखे, छाया और पीने के पानी के पर्याप्त इंतजाम करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि:
- जहां भी पीने के पानी की व्यवस्था है, वहां वॉटर कूलर और आरओ (RO) मशीनें लगवाई जाएं।
- जो मशीनें पहले से लगी हैं और खराब हैं, उन्हें तत्काल ठीक करवाया जाए।
- ओपीडी और वार्डों में गर्मी से राहत के लिए कूलर, डक्टिंग और पंखों की कार्यक्षमता सुनिश्चित की जाए।
परिजनों ने सुनाई अपनी समस्या
वार्डों के दौरे के दौरान कलेक्टर ने भर्ती बच्चों के परिजनों से सीधा संवाद किया और अस्पताल की सेवाओं का फीडबैक लिया। इस दौरान परिजनों ने गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं:
- दवाइयों की किल्लत: मरीजों ने बताया कि काउंटर पर दवाइयां और अन्य सामान उपलब्ध होने के बावजूद स्टाफ उन्हें बिना दवा दिए ही लौटा देता है।
- स्टाफ का खराब व्यवहार: परिजनों ने अस्पताल स्टाफ के अशिष्ट और असहयोगपूर्ण रवैये की शिकायत कलेक्टर से की।
कलेक्टर के सख्त निर्देश
फीडबैक मिलने के बाद कलेक्टर संदेश नायक ने अस्पताल अधीक्षक को दवाई काउंटरों पर दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि बच्चों के उपचार में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले या मरीजों से दुर्व्यवहार करने वाले स्टाफ के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
