दौसा उपकोष कार्यालय में ‘डबल डेथ’ बनी गहरा रहस्य, Expose Now से बोले RAA अध्यक्ष- “तत्काल हो CBI जांच”

जयपुर: दौसा जिले के सिकराय उपकोष (Sub-Treasury) कार्यालय से जुड़े घटनाक्रम ने अब एक बेहद ही रहस्यमयी और नया मोड़ ले लिया है। कार्यालय की जूनियर अकाउंटेंट शीतल मीणा की संदिग्ध मौत के ठीक एक दिन बाद, उपकोष अधिकारी मनोज मीणा ने भी आत्महत्या कर ली। बैक-टू-बैक हुई इन दो मौतों ने पूरे प्रशासन और महकमे में हड़कंप मचा दिया है, साथ ही इस पूरे मामले को लेकर कई गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इन दोनों कर्मचारियों की मौत ‘आत्महत्या’ है या फिर इसके पीछे कोई साजिश है?
CBI जांच की उठी मांग
मामले में राजस्थान अकाउंटेंट्स एसोसिएशन (Rajasthan Accountants Association) ने मौतों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। Expose Now ने राजस्थान अकाउंटेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश चौधरी से EXCLUSIVE बातचीत की।

Expose Now: क्या आप शीतल मीणा और मनोज मीणा की मौत की CBI जांच चाहते हैं?

दिनेश चौधरी: हां, हम CBI की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। यह जानना बहुत जरूरी है कि यह आत्महत्या है या हत्या?

Expose Now: क्या आप स्थानीय पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं?

दिनेश चौधरी: पुलिस अपनी गति से काम कर रही है लेकिन हमारे देश में जब इस तरह के केस सामने आते हैं तो उनकी जांच सालों-साल चलती रहती है। लोग इंसाफ के इंतजार में अपनी पूरी उम्र बिता देते हैं। इसलिए हमारी एसोसिएशन की स्पष्ट मांग है कि या तो इस मामले की जांच SOG (Special Operations Group) करे या फिर केस CBI को सौंपा जाए जिससे शीतल और मनोज को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।


Expose Now: आपको ऐसा क्यों लगता है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है?

दिनेश चौधरी: रोजमर्रा की तरह अपने काम को नियमित रूप से करने वाले 2 होनहार कर्मचारी अगर अचानक से इतना बड़ा कदम उठा रहे हैं तो इसके पीछे कोई बड़ा और गंभीर कारण ही हो सकता है। आखिर ऐसी कौनसी परिस्थितियां बन गईं जिसकी वजह से उनको यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा? इस सवाल का जवाब उनके परिजन और हम सब जानना चाहते हैं।

Expose Now: अगर सरकार द्वारा जांच के आदेश नहीं दिए जाते या न्याय नहीं मिलता है तो एसोसिएशन की आगे की क्या रणनीति होगी?

दिनेश चौधरी: अगर जांच के आदेश नहीं होते हैं और उचित कार्रवाई नहीं की जाती है तो राजस्थान अकाउंटेंट्स एसोसिएशन आगामी दिनों में उग्र आंदोलन करेगी और प्रदेशव्यापी धरने की रूपरेखा बनाएगी।

उलझती जा रही है मौत की गुत्थी

एक ओर जहां दोनों मृतकों के परिवारों की तरफ से कई आरोप लगाए जा रहे हैं और न्याय की मांग की जा रही है, वहीं, दूसरी ओर, मृतकों के साथी कर्मचारी भी गहरे सदमे में हैं। पूरे दफ्तर में सिर्फ यही चर्चा है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ?

आपको बता दें कि शीतल और मनोज की मौत की गुत्थी सुलझने के बजाय और उलझती जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब शीतल के परिजन अपनी बेटी की मौत के पीछे की मुख्य वजह मनोज को बता रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, मनोज के परिजनों का कहना है कि शीतल की मौत के बाद से ही मनोज काफी परेशान और तनाव में चल रहा था।

कारण जो भी हो, इस पूरे मामले की एक उच्च स्तरीय और न्यायिक जांच होना बेहद आवश्यक हो गया है। क्योंकि अब सिर्फ शीतल और मनोज के परिजन ही न्याय का इंतज़ार नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनके साथी कर्मचारी और पूरा प्रदेश भी इस रहस्यमयी पहेली के सुलझने की बाट जोह रहा है।

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