जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार को जयपुर के दुर्गापुरा ऑडिटोरियम में आयोजित सरपंच संघ के आभार कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए सरपंचों के साथ दिल की बात साझा की। ‘जी राम जी’ योजना लागू करने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए हजारों सरपंचों और पंचायत प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।
सरपंच से मुख्यमंत्री तक का सफर: साझा किए अनुभव
मुख्यमंत्री ने अपने सरपंच रहने के दिनों को याद करते हुए भावुक अंदाज में कहा, “जब मैं सरपंच था, तब मेरे पास बाइक तक नहीं थी, लेकिन आज समय बदल गया है। आज आप लोगों के पास कारें हैं।” उन्होंने इसे ग्रामीण राजस्थान में आए आर्थिक और ढांचागत बदलाव का प्रतीक बताया। सीएम ने कहा कि सरपंच का कार्यकाल भले ही 5 साल का हो, लेकिन ‘सरपंच’ का नाम और उसकी जिम्मेदारी जिंदगी भर साथ चलती है।
“सेवक का दर्द सेवक ही समझता है”
सरपंचों को सेवा का मंत्र देते हुए सीएम शर्मा ने कहा कि सरपंच गांव की आशा और उम्मीद का केंद्र होता है।
- जवाबदेही: उन्होंने कहा कि जब गांव में अच्छा काम होता है तो श्रेय सरपंच को मिलता है, और कमी रहने पर जिम्मेदारी भी उन्हीं की होती है।
- संवेदनशीलता: मुख्यमंत्री ने सलाह दी कि जब भी कोई ग्रामीण समस्या लेकर आए, तो उसे संवेदनशीलता से सुनें क्योंकि एक सेवक का दर्द दूसरा सेवक ही समझ सकता है।
पानी और सिंचाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के दो साल के कामकाज का लेखा-जोखा पेश करते हुए कहा कि सरकार बनते ही सबसे पहले विकास का ‘रोडमैप’ तैयार किया गया था।
“हमने राज्य की जरूरतों का नक्शा बनाया और उसमें सबसे पहली प्राथमिकता पानी और सिंचाई को दी। बिना जल सुरक्षा के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत नहीं किया जा सकता।” – भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री
‘जी राम जी’ योजना और ग्रामीण विकास
यह कार्यक्रम विशेष रूप से ‘जी राम जी’ योजना के क्रियान्वयन के लिए सरकार का आभार जताने हेतु आयोजित किया गया था। सरपंच संघ ने पंचायतों को सशक्त बनाने और ग्रामीण विकास के लिए बजट में किए गए प्रावधानों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने सरपंचों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं को ‘अंतिम व्यक्ति’ (Antyodaya) तक पहुँचाने में ईमानदारी से अपनी भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम की मुख्य बातें: एक नजर में
| विषय | मुख्यमंत्री का संदेश |
| अनुभव | बाइक से सीएम के पद तक के सफर को ग्रामीण विकास से जोड़ा। |
| योजना | ‘जी राम जी’ योजना के माध्यम से पंचायतों का सशक्तिकरण। |
| प्राथमिकता | जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था के लिए विशेष रोडमैप। |
| सीख | सरपंचों को गांव के विकास के साथ सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की सलाह। |
