राजस्थान के विकास पथ पर एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने राजस्थान सहित देश के 6 राज्यों के लिए ₹23,437 करोड़ की तीन बड़ी मल्टीट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले से राजस्थान के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के कुल 19 जिलों की कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार होगा। इस बड़ी सौगात से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं।
विकसित राजस्थान का संकल्प होगा सिद्ध: सीएम भजनलाल
कैबिनेट के फैसले के तुरंत बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने इस ऐतिहासिक निवेश के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश के समग्र विकास के लिए ‘ईंधन’ बताया। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि ये परियोजनाएं न केवल रेल अवसंरचना को मजबूती देंगी, बल्कि ‘विकसित भारत-विकसित राजस्थान’ के संकल्प को भी पूरा करेंगी।
मल्टीट्रैकिंग से बदल जाएगी परिवहन की तस्वीर
इस विशाल प्रोजेक्ट के तहत राजस्थान सहित 6 राज्यों को कवर किया जाएगा। मल्टीट्रैकिंग के कई दूरगामी फायदे होंगे:
- रफ्तार और सुरक्षा: सिंगल ट्रैक पर दबाव कम होने से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और परिचालन अधिक सुरक्षित होगा।
- माल ढुलाई में तेजी: राजस्थान के औद्योगिक उत्पादों को बंदरगाहों और बड़े बाजारों तक पहुँचाने में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी।
- प्रीमियम ट्रेनों का रास्ता साफ: नई पटरियां बिछने से भविष्य में राजस्थान को और अधिक ‘वंदे भारत’ जैसी प्रीमियम ट्रेनों की सौगात मिल सकेगी।
पर्यटन और खनिज व्यापार को मिलेगी नई ऊंचाइयां
राजस्थान अपनी खनिज संपदा और पर्यटन के लिए विश्व विख्यात है। रेलवे के इस विस्तार से इन क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा:
- खनिज संपदा: मार्बल, ग्रेनाइट और सीमेंट जैसे उद्योगों को परिवहन की सस्ती और तेज सुविधा मिलेगी, जिससे व्यापार का विस्तार होगा।
- पर्यटन: प्रदेश के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्रों तक पहुंच आसान होने से विदेशी और घरेलू पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा।
- खेती-किसानी: कृषि उत्पादों को तेजी से बड़ी मंडियों तक पहुँचाया जा सकेगा, जिससे किसानों की आय बढ़ने की संभावना है।
क्या राजस्थान को मिलेंगी नई ‘सुपरफास्ट’ ट्रेनें?
मल्टीट्रैकिंग की मंजूरी के बाद अब प्रदेशवासियों में इस बात को लेकर उत्साह है कि क्या नए ट्रैक तैयार होते ही दिल्ली और मुंबई के लिए नई सुपरफास्ट ट्रेनें शुरू होंगी। सूत्रों के अनुसार, यह निवेश राजस्थान के रेल नक्शे को पूरी तरह से री-डिजाइन करने की तैयारी है। उन 19 जिलों का विस्तृत रूट मैप जल्द ही सामने आने की उम्मीद है, जिनकी किस्मत इस भारी-भरकम निवेश से चमकने वाली है।
केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार के इस कदम से राजस्थान आने वाले समय में देश के एक बड़े ‘लॉजिस्टिक हब’ के रूप में उभरने के लिए तैयार है।
