राजस्थान में ‘लाइसेंस राज’ और ‘इंस्पेक्शन राज’ पर ताला! भजनलाल सरकार ने केंद्र को भेजा महा-सुधार प्रस्ताव

Rakhi Singh
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राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश में व्यापार को आसान बनाने (Ease of Doing Business) की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने अनावश्यक प्रक्रियाओं को खत्म कर काम को आसान और तेज बनाने के लिए एक बड़ा सुधार पैकेज तैयार किया है, जिसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। इन बदलावों से राजस्थान का व्यापारिक परिदृश्य पूरी तरह बदल जाएगा और छोटे उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी।

मूल दर्शन: “जो प्रतिबंधित नहीं है, वह स्वतः वैध”

प्रस्तावित सुधारों का मुख्य दर्शन यह है कि ‘जो प्रतिबंधित नहीं है, वह स्वतः वैध’ माना जाएगा। इसका मतलब है कि व्यापारियों को उन गतिविधियों के लिए किसी विशेष अनुमति प्रक्रिया की जरूरत नहीं होगी जो नियमों के खिलाफ नहीं हैं। राज्य सरकार भरोसे पर आधारित सिस्टम लागू कर रही है, जिससे उद्योग बिना देरी के शुरू हो सकें。

प्रस्ताव के मुख्य बिंदु: खत्म होंगे अनावश्यक लाइसेंस और इंस्पेक्शन राज

केंद्र को भेजे गए प्रस्ताव में कई क्रांतिकारी बदलाव शामिल हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • भू-उपयोग नीति में सुधार: अब कृषि भूमि को दूसरे उपयोग में लाने के लिए बार-बार अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। जो प्रतिबंधित नहीं है, वे स्वतः अनुमत होंगे। व्यापारी केवल तय फीस देकर काम शुरू कर सकेंगे।
  • सिंगल एजेंसी और डीम्ड मंजूरी: अलग-अलग विभागों के चक्कर खत्म होंगे और एक ही एजेंसी सभी मंजूरी देगी। यदि तय समय में मंजूरी नहीं मिलती है, तो उसे ‘स्वतः अनुमति’ माना जाएगा। मंजूरी में लगने वाले समय को 50% तक कम करने का लक्ष्य है.
  • फायर सेफ्टी: फायर सेफ्टी के नियमों को सरल बनाया जाएगा और बिल्डिंग ऊंचाई से जुड़े अव्यावहारिक प्रतिबंध खत्म होंगे。 इंडस्ट्रियल एरिया में कॉमन फायर इंफ्रास्ट्रक्चर की अनुमति दी जाएगी।
  • दुकानों का लाइफटाइम रजिस्ट्रेशन: दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए रजिस्ट्रेशन सिर्फ सूचना के आधार पर होगा। यह रजिस्ट्रेशन आजीवन वैध रहेगा। साथ ही, दुकानों और शोरूम्स को 24 घंटे संचालित करने की अनुमति दी जाएगी।
  • एमएसएमई को छूट: दुकान, सैलून, स्पा, होटल, साइनबोर्ड, और सामाजिक आयोजनों के लिए अलग-अलग लाइसेंस खत्म होंगे। एमएसएमई (MSME) को सेल्फ-डिक्लेरेशन पर काम शुरू करने की छूट मिलेगी।
  • एकीकृत कानून: अब बार-बार अलग-अलग कानून बदलने की जरूरत नहीं होगी। एक ही कानून लाया जाएगा जिसके तहत लाइसेंस, अनुमति, निरीक्षण और अन्य नियमों में बदलाव किया जा सकेगा।

छोटे उद्योगों को मिलेगी संजीवनी: निवेश और रोजगार बढ़ेगा

उद्योग विभाग के आयुक्त सुरेश ओला ने इन प्रस्तावित सुधारों के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “कारोबारियों के लिए अनावश्यक प्रक्रियाओं को खत्म कर काम को आसान और तेज बनाना है। इन बदलावों से निवेश बढ़ेगा, छोटे उद्योगों को राहत मिलेगी और राज्य में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।”

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