जयपुर। राजधानी जयपुर की धड़कन कहे जाने वाले जवाहर लाल नेहरू (JLN) मार्ग पर सफल ट्रैफिक प्रयोग के बाद अब जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने परकोटे के सबसे व्यस्ततम प्रवेश द्वारों में से एक, अजमेरी गेट पर वाहनों के भारी दबाव को कम करने के लिए यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। नई यातायात व्यवस्था के तहत सुबह और शाम के पीक आवर्स (Peak Hours) में टोंक रोड और न्यू गेट की तरफ से अजमेरी गेट की ओर आने वाले वाहनों को अब सीधे आने के बजाय अशोक मार्ग पर डायवर्ट किया गया है। ट्रैफिक पुलिस का दावा है कि इस व्यवस्था से ऐतिहासिक यादगार चौराहे और अजमेरी गेट के सामने लगने वाले लंबे और थकाऊ जाम से आमजन को बड़ी राहत मिलेगी। राहत की बात यह है कि यह नया डायवर्जन पूरे दिन लागू रहने के बजाय केवल सुबह और शाम के व्यस्त समय में ही प्रभावी रहेगा।
यह रहेगा नया यातायात रूट और समय चक्र
यातायात पुलिस द्वारा तय किए गए नए शेड्यूल के अनुसार, टोंक रोड से सीधे यादगार चौराहे की तरफ बढ़ने वाले वाहनों को अब अशोक मार्ग की तरफ मोड़ा जा रहा है। यह डायवर्जन सुबह 9:00 बजे से लेकर 11:30 बजे तक और शाम को 6:00 बजे से रात 8:30 बजे तक (पीक आवर्स में) ही लागू रहेगा।
- टोंक रोड से आने वाले वाहन: इस मार्ग से आने वाले वाहन चालकों को अब अशोक मार्ग, जय क्लब और एमआई रोड (MI Road) से होते हुए चक्कर काटकर अजमेरी गेट पहुंचना होगा। इस नए रूट के कारण वाहन चालकों को करीब आधा से एक किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा।
- न्यू गेट से आने वाले वाहन: न्यू गेट की तरफ से आने वाले वाहन भी अब सीधे अजमेरी गेट की तरफ नहीं जा सकेंगे। इन्हें भी अशोक मार्ग होते हुए अजमेरी गेट और एमआई रोड की तरफ जाने की अनुमति होगी। इस बदलाव के कारण इन वाहन चालकों को करीब एक से डेढ़ किलोमीटर तक का ज्यादा लंबा चक्कर काटना होगा।
दूरी महज कुछ मीटर, लेकिन चक्कर हुआ लंबा
ट्रैफिक पुलिस के इस नए डायवर्जन प्लान के कारण वाहन चालकों को गंतव्य तक पहुंचने में थोड़ा अधिक समय और ईंधन खर्च करना होगा। आंकड़ों के लिहाज से समझें तो:
- वर्तमान में टोंक रोड पर स्थित महारानी कॉलेज से अजमेरी गेट की सीधी दूरी महज 550 मीटर है, लेकिन अब नए नियम के तहत अशोक मार्ग और जय क्लब होकर जाने पर यह दूरी करीब 1 किलोमीटर बढ़ जाएगी।
- इसी प्रकार, न्यू गेट से अजमेरी गेट की वास्तविक दूरी महज 250 मीटर है, लेकिन नई व्यवस्था के तहत वाहन चालकों को अशोक मार्ग का पूरा चक्कर घूमकर आने के कारण करीब डेढ़ किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी होगी।
सिग्नल-फ्री मूवमेंट से थमेगा जाम, मॉल के सामने मिलेगी लेफ्ट-फ्री लेन
जयपुर ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, इस डायवर्जन को लागू करने का मुख्य उद्देश्य यादगार चौराहे और एमआई रोड पर वाहनों को ‘सिग्नल-फ्री मूवमेंट’ देना है, जिससे चौराहों पर लाल बत्ती का वेटिंग टाइम और वाहनों का दबाव कम हो सके। सुबह और शाम के समय अजमेरी गेट पर वाहनों का रेला उमड़ता है, जिससे पूरा परकोटा क्षेत्र प्रभावित होता है।
अब नई व्यवस्था के तहत न्यू गेट की ओर से आने वाले जो वाहन महारानी कॉलेज की तरफ जाना चाहते हैं, वे यादगार के पास मॉल के सामने बनी ‘लेफ्ट-फ्री लेन’ का उपयोग करके बिना रुके सीधे निकल सकेंगे। वहीं, एमआई रोड की तरफ जाने वाले वाहन बिना किसी बाधा के अशोक मार्ग के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे, जिससे मुख्य चौराहों पर रुकने वाले वाहनों की कतारें छोटी हो जाएंगी।
6 महीने पहले टल गया था प्लान, अब त्योहारों के बाद संशोधित रूप में लागू
उल्लेखनीय है कि जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने अजमेरी गेट और यादगार चौराहे पर इस प्रस्तावित डायवर्जन का करीब 6 महीने पहले भी एक प्रायोगिक (Trial) तौर पर परीक्षण किया था। हालांकि, उस समय त्योहारी सीजन होने और व्यापारियों व आमजन की सहूलियत को देखते हुए इस व्यवस्था को नियमित नहीं किया गया था। अब ट्रैफिक पुलिस ने स्थानीय बाजारों के व्यापार और सुचारू यातायात प्रबंधन के बीच बेहतर संतुलन बनाने के लिए इस प्लान को संशोधित रूप में पूरी तैयारी के साथ धरातल पर उतारा है।
