जयपुर। आगामी जनगणना 2027 (Census 2027) के अत्यंत महत्वपूर्ण और राष्ट्रीय महत्व के कार्य को गंभीरता एवं प्राथमिकता के साथ संपादित करने के प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना करने पर जयपुर जिला प्रशासन द्वारा बेहद सख्त कार्रवाई अमल में लाई गई है। जनगणना जैसे देशहित के कार्य में लापरवाही, अकर्मण्यता और घोर उदासीनता बरतने के एक मामले में मंगलवार को प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर द्वारा एक जनगणना कार्मिक (प्रगणक) को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से लापरवाही बरतने वाले अन्य कार्मिकों में हड़कंप मच गया है।
कार्यमुक्ति के बाद भी नहीं संभाला था आवंटित चार्ज
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जयपुर जिला कलक्टर श्री संदेश नायक के आदेशानुसार यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है। जनगणना कार्य के सफल संपादन हेतु राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, डेहरा (जोबनेर) में कार्यरत अध्यापिका लेवल-2 (अंग्रेजी) सुश्री अंजू वर्मा को प्रगणक (Enumerator) के रूप में नियुक्त किया गया था।
संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा सुश्री अंजू वर्मा को इस राष्ट्रीय कार्य के लिए समय पर कार्यमुक्त (Relieve) भी कर दिया गया था। इसके बावजूद, उन्होंने चार्ज जनगणना अधिकारी एवं तहसीलदार जोबनेर द्वारा आवंटित हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) संख्या 0152 का कार्य तय समय पर प्रारंभ नहीं किया।
आदेशों की जानबूझकर अवहेलना पर गिरी गाज
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जनगणना जैसे संवेदनशील और समयबद्ध कार्य के प्रति अकर्मण्यता दिखाना, घोर लापरवाही बरतना तथा संबंधित प्राधिकृत उच्चाधिकारियों द्वारा समय-समय पर जारी किए गए वैधानिक आदेशों की जानबूझकर अवहेलना करने को प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर ने अत्यंत गंभीरता से लिया। इसके बाद अध्यापिका को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए गए। जारी आदेश के मुताबिक, निलंबन अवधि के दौरान संबंधित कार्मिक का आधिकारिक मुख्यालय मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) कार्यालय, जोबनेर निर्धारित किया गया है।
जिला कलक्टर की सभी कार्मिकों को दोटूक चेतावनी
इस बड़ी कार्रवाई के साथ ही जिला कलक्टर श्री संदेश नायक ने जिले भर में नियुक्त सभी जनगणना कार्मिकों, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया है। उन्होंने साफ कहा है कि:
“जनगणना का कार्य देशहित से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सर्वोच्च प्राथमिकता वाला दायित्व है। इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता या अकर्मण्यता स्वीकार्य नहीं होगी। सभी कार्मिक उन्हें सौंपे गए राजकीय दायित्वों का पूरी गंभीरता, निष्ठा और समयबद्धता के साथ निर्वहन सुनिश्चित करें, ताकि इस राष्ट्रीय कार्य को सुचारू और त्रुटिहीन रूप से संपन्न कराया जा सके।”
प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि आगामी दिनों में भी यदि किसी अन्य कार्मिक द्वारा फील्ड वर्क या डेटा कलेक्शन के कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बरती गई, तो उसके खिलाफ भी इसी तरह की कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।