जयपुर, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) 2026 के दूसरे दिन शतरंज के जादूगर और पांच बार के वर्ल्ड चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने शिरकत की। ‘लाइटनिंग किड’ सेशन के दौरान आनंद ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), अपने खेल के प्रति नजरिए और निजी जीवन से जुड़े कई दिलचस्प किस्से साझा किए। आनंद ने साफ किया कि वे एआई से केवल जवाब नहीं खोजते, बल्कि उसके पीछे के लॉजिक को समझना महत्वपूर्ण मानते हैं।
AI और शतरंज: तकनीक की चुनौती

एआई के बढ़ते प्रभाव पर बात करते हुए आनंद ने कहा, “शतरंज लगातार बदलने वाला खेल है। पहले हम खुद नई चालों का एनालिसिस करते थे, लेकिन अब AI पलक झपकते ही जवाब दे देता है। अब चुनौती नई चाल खोजने की नहीं, बल्कि AI द्वारा दिए गए जवाब को समझने की है। यह दिमाग को थका देने वाली एक अलग लेवल की एक्सरसाइज है।”
मां को हराना वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने से ज्यादा कठिन
अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को देते हुए आनंद भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि उनकी मां ही उन्हें क्लब और टूर्नामेंट्स में लेकर जाती थीं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतना आसान है, लेकिन ताश (कार्ड्स) के खेल में मां को हराना आज भी सबसे मुश्किल काम है। उन्हें हराने पर मुझे किसी भी बड़े खिताब से ज्यादा खुशी मिलती है।”
खेल में एकाग्रता और गुस्सा
मैदान पर शांत दिखने वाले आनंद ने अपने गुस्से पर भी बात की। उन्होंने कहा, “लोग कहते हैं मुझे गुस्सा आता है, आता भी है, लेकिन मैं उसे खेल के दौरान जाहिर नहीं कर सकता। चेस पूरी तरह माइंड गेम है। मैं मैच के दौरान विपक्षी खिलाड़ी से बात नहीं करता क्योंकि इससे एकाग्रता भंग होती है।”
सेशन की मुख्य बातें:
- प्रैक्टिस का मंत्र: आनंद ने बच्चों को सलाह दी कि हार से घबराने के बजाय सिर्फ प्रैक्टिस पर ध्यान दें। उन्होंने बताया कि जब वे लगातार तीन गेम हारे थे, तब भी उन्होंने अभ्यास नहीं छोड़ा।
- शशि थरूर नहीं पहुंचे: ‘असेम्बलिंग इंडियाज कॉन्स्टिट्यूशन’ सेशन में कांग्रेस नेता शशि थरूर के आने की चर्चा थी, लेकिन वे इस सत्र में शामिल नहीं हो पाए।
- ब्लैक पीस के साथ काउंटर अटैक: आनंद ने बताया कि वे वाइट के मुकाबले ब्लैक मोहरों के साथ काउंटर अटैक करने में ज्यादा सहज महसूस करते हैं।
- ऑफ-कोर्ट लाइफ: गेम के तनाव से बचने के लिए आनंद अपने बेटे की नर्सरी राइम्स पढ़ते हैं और खुद को दूसरी चीजों में व्यस्त रखते हैं।
