Expose Now: जयपुर पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट: खो नागोरियान में 8 मौतों के 3 आरोपियों के चेहरे आए सामने, क्या यही गुनहगार है?

जयपुर। राजधानी जयपुर के खो नागोरियान इलाके में हुए भीषण अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, यह दर्दनाक हादसा मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हुआ, जिसने पूरे प्रदेश को दहला कर रख दिया। वैसे-वैसे इस खूनी कारोबार के कई नए और खौफनाक चेहरे बेनकाब हो रहे हैं। अब इस हादसे के तीन अन्य मुख्य जिम्मेदार आरोपियों के चेहरे भी सामने आ चुके हैं।

आठ बेगुनाह लोगों की मौत के जिम्मेदार फिरोज, वसीम और अकील की भूमिका इस अवैध नेटवर्क में प्रमुख रूप से सामने आई है। पुलिस अब इन फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।

फिरोज पर मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप, नया मुकदमा दर्ज

पुलिस अनुसंधान के अनुसार, इस पूरे दर्दनाक हादसे का मुख्य साजिशकर्ता दिल्ली निवासी फिरोज है। फिरोज ने याकूब नाम के व्यक्ति के उस मकान को किराए पर ले रखा था, जहां बारूद का भंडारण और पटाखा निर्माण का काम किया जा रहा था और जहां हुए विस्फोट में आठ लोगों की जान चली गई।

अग्निकांड के तुरंत बाद पुलिस ने फिरोज, याकूब और कय्यूम को मुख्य आरोपी बनाया था। इसी कड़ी में शुक्रवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जावेद नगर स्थित मकान नंबर 28 और 277 में संचालित अवैध पटाखा फैक्ट्रियों पर छापा मारा। वहां से भारी मात्रा में बारूद, तैयार पटाखे और निर्माण उपकरण बरामद किए गए हैं। इस मामले में कय्यूम, याकूब, फिरोज, फ्यूम और आदिल सहित अन्य के खिलाफ एक नया मुकदमा भी दर्ज किया गया है।

यह भी पढ़ें- अवैध पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में 8 मौतें, मुख्य आरोपी निकला रेप सहित 6 मुकदमों का हिस्ट्रीशीटर

वसीम और अकील संभाल रहे थे फैक्ट्रियों की कमान

खो नागोरियान इलाके में अवैध फैक्ट्री बलास्ट मामले में फरार तीनों आरोपी- फिरोज, वसीम और अकील

जांच में यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि आरोपी फिरोज ने जयपुर में दो अवैध फैक्ट्रियां लगा रखी थीं। इनमें से एक फैक्ट्री खोह नागोरियान क्षेत्र में ही आईटीआई (ITI) के पीछे संचालित हो रही थी, जिसकी कमान वसीम के हाथों में थी। पुलिस को वसीम की फैक्ट्री से हजारों किलो बारूद और पटाखा निर्माण सामग्री मिली है।

वहीं, दूसरी अवैध फैक्ट्री दाऊद नगर क्षेत्र में संचालित हो रही थी, जिसका मुख्य संचालक अकील निकला। पुलिस की टीमें इन दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार जाल बिछा रही हैं।

चंद पैसों का लालच: नाबालिगों, महिलाओं और बुजुर्गों से कराया जाता था जोखिम भरा काम

दिल्ली निवासी आलम खान इस फैक्ट्री में मैनेजर के रूप में काम करता था, जो आसिफ कुरैशी के साथ मिलकर पूरे पटाखा निर्माण का संचालन देख रहा था। ये लोग 15 से 16 वर्ष के नाबालिग बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को मामूली मजदूरी का लालच देकर बेहद जोखिम भरे काम में झोंक देते थे।

सूत्रों के मुताबिक, इस क्षेत्र में संचालित विभिन्न अवैध फैक्ट्रियों में 150 से अधिक लोग कार्यरत थे। बारूद भरने के बाद पटाखों की लेबलिंग और बॉक्स पैकिंग का काम आसपास के कई घरों में सप्लाई किया जाता था। चंद पैसों की मजदूरी के चक्कर में इलाके के कई परिवार इस अवैध और खतरनाक कारोबार से जुड़ गए थे, जिससे पूरे खोह नागोरियान में पटाखा निर्माण का एक समानांतर और अवैध नेटवर्क खड़ा हो गया था।

इलाज के दौरान आठ लोगों ने तोड़ा दम

आग लगने से हुए हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई। तीन व्यक्तियों की मौके पर मौत हो गई, जबकि पांच व्यक्तियों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मरने वालों में पीरजी कॉलोनी ढूंढीयो की ढाणी खोह नागोरियान निवासी मोहम्मद अशरफ (40), मोहम्मद रब्बिल (16) करीम नगर-2 तलाई खोह नागोरियान, अज्ञात, रहीम नगर खोह नागोरियान निवासी अब्दुल वहीद (46) समीर खान (20) बिलाल (28) आजिम (18) और नासिर खान (25) रहीम नगर का रहने वाला है।

इलाके में भारी आक्रोश, जल्द गिरफ्तारी की मांग

घटना के बाद से ही स्थानीय निवासियों में पुलिस और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इन अवैध फैक्ट्रियों और रिहायशी इलाकों में चल रहे बारूद के खेल के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाती, तो आठ बेगुनाह लोगों की जान बचाई जा सकती थी। अब स्थानीय लोग इस समानांतर नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने और सभी नामजद आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।

📌 इससे जुड़ी अहम खबरें:

Share This Article
Leave a Comment