जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में 10 प्रतिशत आरक्षण और 11 सूत्रीय मांगों को लेकर घुमंतू समाज द्वारा किया जा रहा महापड़ाव कल शाम हिंसक रूप ले लिया। विद्याधर नगर स्टेडियम में दिनभर शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा प्रदर्शन शाम होते ही भारी बवाल में तब्दील हो गया। सरकार के साथ वार्ता विफल होने की खबर मिलते ही प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने का प्रयास करने लगे, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प हुई।
क्या हुआ घटनाक्रम?
IAS कुलदीप रांका के साथ सचिवालय में हुई उच्च स्तरीय वार्ता में जब मांगों पर कोई ठोस सहमति या लिखित आश्वासन नहीं मिला, तो यह खबर स्टेडियम में मौजूद प्रदर्शनकारियों तक पहुँचते ही हालात बिगड़ गए। वार्ता विफल होने से आक्रोशित भीड़ ने मुख्यमंत्री निवास की घेराबंदी की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच करीब 20 मिनट तक जबरदस्त पत्थरबाजी हुई। हालात को बेकाबू होते देख पूरे विद्याधर नगर इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस की सख्त कार्रवाई: लाठीचार्ज और आंसू गैस

हिंसा को रोकने और उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस प्रशासन को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए 70 से अधिक आंसू गैस के गोले छोड़े। इस हिंसक झड़प में ड्यूटी पर तैनात चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए अब तक 15 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
10 प्रतिशत आरक्षण और 11 सूत्रीय मांगें घुमंतू समाज के हजारों लोग प्रदेश भर से अपनी मांगों को लेकर जयपुर पहुंचे थे। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- घुमंतू समाज के लिए 10 प्रतिशत अलग से आरक्षण।
- रहने के स्थानों पर स्थायी पट्टों का आवंटन।
- अन्य 11 सूत्रीय मांगें, जिन्हें लेकर लंबे समय से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों पर सरकार द्वारा लंबे समय से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा था, जिसके चलते उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।