जयपुर, राजस्थान में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल और चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज हो गया है। बुधवार को जयपुर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान के तहत शहर के विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में संदिग्ध खाद्य सामग्री सीज की।
कुकरखेड़ा मंडी: 10 हजार लीटर घी पर कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के अनुसार, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (जयपुर प्रथम) डॉ. रवि शेखावत के नेतृत्व में कुकरखेड़ा मंडी स्थित मैसर्स रुक्मणी इंटरप्राइजेज पर छापा मारा गया।
- यहाँ मिलावट के संदेह में 9853 लीटर ‘अशोका’ ब्रांड का वनस्पति घी सीज किया गया।
- अधिकारियों ने बताया कि इसी फर्म से सितंबर 2025 में लिया गया अशोका वनस्पति का नमूना जांच में ‘सब-स्टैंडर्ड’ (अमानक) पाया गया था।
- टीम ने मौके से अशोका वनस्पति के दो अलग-अलग बैच और नेचर फ्रेश वनस्पति का नमूना जांच के लिए लिया है।
वीकेआई क्षेत्र: मिर्च पाउडर और मसालों पर छापा
विभाग की टीम ने विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (VKI) में भी कई दुकानों की जांच की:
- मैसर्स सैनी किराना स्टोर: यहाँ से 150 किलो मिर्च पाउडर सीज किया गया और नमूने लिए गए।
- मैसर्स अग्रवाल इंटरप्राइजेज: ‘महान’ ब्रांड के घी का सैंपल लिया गया।
- मुकेश डिपार्टमेंटल स्टोर व चौमू किराना: यहाँ से धनिया पाउडर और सरसों के तेल के नमूने लिए गए।
लैब रिपोर्ट के बाद होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (विनोद कुमार शर्मा, वीरेंद्र सिंह, विशाल मित्तल व पवन गुप्ता) की टीम ने सभी एकत्रित नमूनों को राजकीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित व्यापारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
