गर्मियों के मौसम में बाजारों में फलों के राजा ‘आम’ की बहार आ जाती है। हर कोई इन मीठे और रसीले आमों का स्वाद चखना चाहता है। लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि हम बाजार से बहुत सुंदर, बेदाग और चमकदार दिखने वाले आम खरीदकर लाते हैं, पर जब घर आकर उन्हें काटते हैं, तो वे अंदर से पूरी तरह खराब या सड़े हुए निकलते हैं। दुकानदार अक्सर अपनी मीठी बातों में फंसाकर ऐसे आम थमा देते हैं, जिससे न सिर्फ हमारे पैसे बर्बाद होते हैं, बल्कि स्वाद भी किरकिरा हो जाता है।
अगर आप भी दुकानदारों के इस धोखे से बचना चाहते हैं, तो अब फिक्र करने की जरूरत नहीं है। सोशल मीडिया पर फल और सब्जियों की सटीक पहचान बताने वाले इन्फ्लुएंसर ओंकार शेजवाल ने एक बेहद आसान तरीका बताया है। इस ‘स्पंज टेस्ट’ के जरिए आप बाहर से अच्छे दिखने वाले खराब आम को एक सेकंड में पहचान सकते हैं।

क्या है ओंकार शेजवाल का ‘स्पंज टेस्ट’?
ओंकार शेजवाल के मुताबिक, खराब आम को पहचानने का सबसे आसान तरीका उसे थोड़ा दबाकर देखना है।
- खराब आम की पहचान: जब आप आम को हल्के हाथों से दबाते हैं और वह एक स्पंज की तरह महसूस होता है—यानी दबाने के बाद वह तुरंत वापस अपनी जगह पर फूल जाता है (बाउंस बैक करता है), तो समझ जाइए कि आम अंदर से सड़ चुका है।
- अच्छे आम की पहचान: यदि दबाने पर आम थोड़ा अंदर ही धंसा रह जाता है और तुरंत वापस ऊपर नहीं आता, तो वह पूरी तरह से अच्छा, पका हुआ और खाने लायक आम है।
मीठे और प्राकृतिक पके आम खरीदने के अन्य 5 अचूक टिप्स

स्पंज टेस्ट के अलावा भी कुछ ऐसे आसान तरीके हैं, जिनसे आप बेहतरीन आम का चुनाव कर सकते हैं:
- खुशबू से करें पहचान: अच्छा और प्राकृतिक रूप से पका हुआ आम हमेशा अपनी खुशबू से पहचान में आ जाता है। आम खरीदते समय उसके डंठल के पास अपनी नाक ले जाकर सूंघें। अगर वहां से एक मीठी, सोंधी और ताजी खुशबू आ रही है, तो आम बढ़िया है। लेकिन अगर कोई अजीब सी, खट्टी या केमिकल जैसी गंध आ रही है, तो इसका मतलब है कि आम अंदर से खराब हो रहा है।
- वजन को महसूस करें: आम को अपने हाथ में उठाकर उसके वजन को जांचें। जो आम अंदर से रसीले और गूदेदार होते हैं, वे अपने साइज के हिसाब से हाथ में थोड़े भारी महसूस होते हैं। अगर कोई आम दिखने में बड़ा है लेकिन हाथ में बिल्कुल हल्का या खोखला लग रहा है, तो मुमकिन है कि वह अंदर से सूख चुका है या कीड़ों ने उसे खराब कर दिया है।
- छिलके और दाग-धब्बों पर दें ध्यान: अक्सर लोग एकदम बेदाग और चिकना आम देखकर खरीद लेते हैं, जो कि केमिकल्स (कार्बाइड आदि) से पकाए हुए हो सकते हैं। प्राकृतिक रूप से पके अच्छे आम के छिलके पर थोड़ी बहुत झुर्रियां होना सामान्य है। हालांकि, अगर त्वचा पर बहुत ज्यादा काले धब्बे हैं या वह जगह-जगह से पिलपिला हो गया है, तो उसे बिल्कुल न खरीदें।
- रंग के भ्रम में न पड़ें: दुकानदार अक्सर गहरे पीले रंग के आमों को सबसे मीठा बताकर बेचते हैं। लेकिन हर प्रजाति के आम का रंग अलग होता है। (जैसे- लंगड़ा या चौसा आम)। कुछ आम हरे होने पर भी अंदर से बेहद मीठे और पके होते हैं। इसलिए सिर्फ रंग देखकर आम न खरीदें, बल्कि उसकी खुशबू और कड़कपन पर भरोसा करें।
- डंठल के आकार की जांच: आम खरीदते समय उसके ऊपरी हिस्से (डंठल) को गौर से देखें। अगर डंठल के आसपास की त्वचा अंदर की तरफ थोड़ी धंसी हुई और उभरी हुई है, तो इसका मतलब है कि आम पेड़ पर अपनी पूरी ग्रोथ लेकर प्राकृतिक रूप से पका है। वहीं अगर डंठल के पास का हिस्सा बिल्कुल सपाट या चपटा है, तो उसे कच्चा ही तोड़कर केमिकल से पकाया गया है।
इन आसान और व्यावहारिक टिप्स को अपनाकर आप अगली बार बाजार से बेहतरीन, रसीले और मीठे आम घर ला सकते हैं और अपने पैसों की बर्बादी रोक सकते हैं।